आजमगढ़ में चार किसानों के ऊपर लगाया गया जुर्माना:खेतों में पराली जलाने का आरोप, लगातार जागरूकता के बाद भी नहीं सुधरी हालत

आजमगढ़ में चार किसानों के ऊपर लगाया गया जुर्माना:खेतों में पराली जलाने का आरोप, लगातार जागरूकता के बाद भी नहीं सुधरी हालत

आजमगढ़ में चार किसानों के ऊपर 10000 जुर्माना लगाए जाने का मामला सामने आया है। उप कृषि निदेशक आशीष कुमार ने बताया है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा दिये गये निर्देशों का उल्लंघन कर फसल अवशेष जलाये जाने की घटना कारित किये जाने के कारण डीएम के निर्देशानुसार जनपद के चार किसानो के विरूद्ध 10000 रूपये जुर्माना अधिरोपित करने की कार्यवाही उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर तथा सगड़ी द्वारा की गयी। जिले के समस्त कम्बाईन हार्वेस्टर मालिकों को जिलाधिकारी के तरफ से अर्द्धशासकीय पत्र जारी करते हुए कम्बाईन के साथ सुपर एसएमएस अथवा अन्य फसल अवशेष प्रबन्धन के कृषि यन्त्रों को साथ में चलाये जाने हेतु उप कृषि निदेशक कार्यालय से एनओसी प्राप्त करने हेतु निर्देशित किया गया है। बिना एसएमएस लगाये हार्वेस्टर से कटाई एवं फसल अपशिष्ट जलाये जाने की घटना प्रकाश में आने पर दोषी के विरूद्ध विधिक कार्यवाही की जायेगी। पराली जलाने का आरोप पराली जलाने पर राष्ट्रीय हरित अधिकारण के आदेश के क्रम में पर्यावरण क्षतिपूर्ति हेतु निहित निर्देशों के अनुसार दोषी पाये जाने पर कृषि भूमि का क्षेत्रफल दो एकड़ से कम होने की दशा में 2500.00 प्रति घटना, कृषि भूमि का क्षेत्रफल दो एकड़ से अधिक किन्तु पाँच एकड़ तक होने की दशा में 5000 प्रति घटना, कृषि भूमि का क्षेत्रफल पाँच एकड़ से अधिक होने की दशा में 15000 प्रति घटना अर्थदण्ड आरोपित किया जायेगा एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम की धारा-24 के अन्तर्गत क्षतिपूर्ति की वसूली के सम्बन्ध में कार्यवाही की जायेगी। इसी के साथ जिलाधिकारी द्वारा सभी उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जो भी कम्बाईन हार्वेस्टर बेगर एसएमएस के कटाई करते पाये जाये तो तत्काल सीज की कार्यवाही की जाये तथा साथ ही राजस्व विभाग के लेखपाल एवं कृषि विभाग के कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि वे निरन्तर अपने कार्यक्षेत्र में भ्रमणशील रहे और कृषको को फसल अवशेष प्रबन्धन की समुचित जानकारी दें। यदि इसके बावजूद भी किसी कृषक द्वारा फसल अवशेष जलाये जाने कि घटना प्रकाश में आती है तो सम्बन्धित के विरूद्व उसी दिन नियमानुसार वसूली/अर्थदण्ड की कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। जिलाधिकारी द्वारा जनपद के सभी कृषको एवं ग्राम प्रधान/जनप्रतिनिधियों से अपील की गयी कि फसल अवशेष कदापि न जलाये वरन इसका उचित प्रबन्धन कर खेत की मिट्टी में मिलाते हुई उर्वरता को बढाये तथा पर्यावरण को स्वस्थ रखने में सहयोग प्रदान करें।

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