जमुई, गिद्धौर में मौरा बालू घाट पर अवैध खनन के विरोध में किसानों का 13 दिनों से चल रहा धरना-प्रदर्शन शनिवार को समाप्त हो गया। वन पर्यावरण एवं नदी संरक्षण समिति के बैनर तले आधा दर्जन से अधिक गांवों के किसान पिछले 12 दिनों से मौरा बालू घाट पर दिन-रात हो रहे बालू खनन के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे। किसानों के अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन को समाप्त करवाने और उनकी मांगों को जानने के लिए शनिवार को जमुई एसडीओ सौरभ कुमार धरना स्थल पर पहुंचे। उनके साथ गिद्धौर बीडीओ ई. सुनील कुमार और सीओ आरती भूषण भी मौजूद थीं। किसानों से धरना समाप्त कर प्रशासन का सहयोग करने की अपील की SDO ने किसानों से कहा कि जिला प्रशासन उनकी मांगों के प्रति गंभीर है और उन पर विचार किया जाएगा। उन्होंने किसानों से धरना समाप्त कर प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। इसके बाद किसान नेता कुणाल सिंह, बाबू साहेब सिंह, अशोक कुमार सिंह और अनिल कुमार रावत ने एसडीओ जमुई को सिंचाई से संबंधित आठ सूत्री मांग पत्र सौंपा। 12 दिवसीय आंदोलन समाप्त कर दिया इन मांगों में मौरा बालू की पब्लिक हियरिंग मीटिंग की उच्च स्तरीय जांच, खनन पदाधिकारी एवं लघु सिंचाई विभाग की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करना, मौरा नदी की जलधारा में बनी सड़क को बंद करना, बरनार नदी से निकलने वाले सभी सिंचाई पैईन में पूर्व की तरह जल बहाव करवाना और नदी किनारे बने बालू स्टॉक पॉइंट की जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करना शामिल था। SDO सौरभ कुमार ने इन मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरनारत किसानों ने अपना 12 दिवसीय आंदोलन समाप्त कर दिया। इस अवसर पर माले नेता बाबूसाहेब सिंह, समाजसेवी गौरव सिंह राठौड़, पूर्व प्रखंड प्रमुख श्रवण यादव, अवधेश सिंह, गिरीश झा, विक्रम यादव, अनिल रावत, अजय सिंह, दया नाथ झा, राम जी झा, प्रकाश साह सहित दर्जनों किसान मौजूद थे। जमुई, गिद्धौर में मौरा बालू घाट पर अवैध खनन के विरोध में किसानों का 13 दिनों से चल रहा धरना-प्रदर्शन शनिवार को समाप्त हो गया। वन पर्यावरण एवं नदी संरक्षण समिति के बैनर तले आधा दर्जन से अधिक गांवों के किसान पिछले 12 दिनों से मौरा बालू घाट पर दिन-रात हो रहे बालू खनन के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे। किसानों के अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन को समाप्त करवाने और उनकी मांगों को जानने के लिए शनिवार को जमुई एसडीओ सौरभ कुमार धरना स्थल पर पहुंचे। उनके साथ गिद्धौर बीडीओ ई. सुनील कुमार और सीओ आरती भूषण भी मौजूद थीं। किसानों से धरना समाप्त कर प्रशासन का सहयोग करने की अपील की SDO ने किसानों से कहा कि जिला प्रशासन उनकी मांगों के प्रति गंभीर है और उन पर विचार किया जाएगा। उन्होंने किसानों से धरना समाप्त कर प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। इसके बाद किसान नेता कुणाल सिंह, बाबू साहेब सिंह, अशोक कुमार सिंह और अनिल कुमार रावत ने एसडीओ जमुई को सिंचाई से संबंधित आठ सूत्री मांग पत्र सौंपा। 12 दिवसीय आंदोलन समाप्त कर दिया इन मांगों में मौरा बालू की पब्लिक हियरिंग मीटिंग की उच्च स्तरीय जांच, खनन पदाधिकारी एवं लघु सिंचाई विभाग की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करना, मौरा नदी की जलधारा में बनी सड़क को बंद करना, बरनार नदी से निकलने वाले सभी सिंचाई पैईन में पूर्व की तरह जल बहाव करवाना और नदी किनारे बने बालू स्टॉक पॉइंट की जांच कर रिपोर्ट सार्वजनिक करना शामिल था। SDO सौरभ कुमार ने इन मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरनारत किसानों ने अपना 12 दिवसीय आंदोलन समाप्त कर दिया। इस अवसर पर माले नेता बाबूसाहेब सिंह, समाजसेवी गौरव सिंह राठौड़, पूर्व प्रखंड प्रमुख श्रवण यादव, अवधेश सिंह, गिरीश झा, विक्रम यादव, अनिल रावत, अजय सिंह, दया नाथ झा, राम जी झा, प्रकाश साह सहित दर्जनों किसान मौजूद थे।


