खगड़िया के परबत्ता प्रखंड के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र परबत्ता बाजार में आखिरकार वह काम शुरू हो गया है, जिसका इंतजार यहां के लोगों ने वर्षों तक किया। मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के तहत करीब 2.76 करोड़ रुपए की लागत से नाला निर्माण कार्य की शुरुआत हो चुकी है। काम शुरू होते ही बाजारवासियों, दुकानदारों और आसपास के ग्रामीणों के बीच खुशी का माहौल है, क्योंकि यह परियोजना सीधे तौर पर उनकी सबसे बड़ी समस्या जलजमाव से जुड़ी है। हर बारिश में तालाब बन जाता था बाजार अब तक परबत्ता बाजार में नाला नहीं रहने के कारण हल्की बारिश भी बाजार को तालाब में बदल देती थी। अगुवानी-महेशखुट मुख्य सड़क पर दुकानदार, रोजमर्रा की खरीदारी करने वाले लोग, वाहन चालक सभी को घुटनों तक गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई-कई दिनों तक पानी नहीं निकलता था। जाम की स्थिति सामान्य थी और बारिश के दिनों में बाजार की हालत इतनी दयनीय हो जाती थी कि चलना तक मुश्किल हो जाता था। दुकानदारों के व्यापार पर इसका सीधा असर पड़ता था और कई बार स्थिति नर्क जैसी हो जाती थी। विधायक और नगर पंचायत की पहल से मिला समाधान जलजमाव की समस्या को लेकर लोग लंबे समय से आवाज उठा रहे थे।परबत्ता के पूर्व विधायक डॉ.संजीव कुमार ने इस मुद्दे को कई बार विधानसभा में उठाया और नाला निर्माण को बाजार की सबसे बड़ी जरूरत बताया। नगर पंचायत परबत्ता की चेयरमैन ने भी इसे प्राथमिकता सूची में रखकर विभागीय अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा। काफी प्रयासों के बाद योजना स्वीकृत हुई और पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार ने इसका शिलान्यास किया। इससे पहले कुछ जगहों पर सड़क उचिकरण का काम कराया गया था, लेकिन नाला नहीं होने से राहत अस्थायी ही रहती थी। अब नाला निर्माण शुरू होने से उम्मीद है कि समस्या स्थायी रूप से खत्म होगी। क्यों जरूरी था नाला निर्माण? परबत्ता बाजार अगुवानी–महेशखुट रोड पर स्थित है और पूरे प्रखंड का मुख्य व्यापारिक केंद्र है। यहां माधवपुर, कबेला, नयागांव, बलहा, गोविंदपुर, डुमरिया बुजुर्ग, सिराजपुर, लगार, चकप्रयाग सहित कई पंचायतों के लोग रोजाना आते हैं। नाला नहीं होने से सड़क के किनारे गंदा पानी जमा हो जाता था। बदबू और मच्छरों की समस्या रहती थी। दुकानों का कारोबार प्रभावित होता था। बच्चों और महिलाओं के लिए बाजार पार करना मुश्किल हो जाता था। बारिश में वाहनों की आवाजाही रुक जाती थी। कई बार एम्बुलेंस तक के पहिए पानी में धंस जाते थे नाला निर्माण की शुरुआत ने इन सभी परेशानियों के समाधान की उम्मीद जगा दी है। लोगों में उत्साह- ‘अब बदलेगा बाजार का स्वरूप’ स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि नाला निर्माण पूरा होते ही बाजार का चेहरा बदल जाएगा।जल निकासी की व्यवस्था सुधरेगी, व्यापार प्रभावित नहीं होगा और लोगों को रोजमर्रा की समस्याओं से राहत मिलेगी। कई वर्षों से लंबित यह काम अब तेजी से चल रहा है। बाजारवासियों का कहना है कि कुछ ही महीनों में परबत्ता बाजार स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित रूप में नजर आएगा और जलजमाव की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। खगड़िया के परबत्ता प्रखंड के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र परबत्ता बाजार में आखिरकार वह काम शुरू हो गया है, जिसका इंतजार यहां के लोगों ने वर्षों तक किया। मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना के तहत करीब 2.76 करोड़ रुपए की लागत से नाला निर्माण कार्य की शुरुआत हो चुकी है। काम शुरू होते ही बाजारवासियों, दुकानदारों और आसपास के ग्रामीणों के बीच खुशी का माहौल है, क्योंकि यह परियोजना सीधे तौर पर उनकी सबसे बड़ी समस्या जलजमाव से जुड़ी है। हर बारिश में तालाब बन जाता था बाजार अब तक परबत्ता बाजार में नाला नहीं रहने के कारण हल्की बारिश भी बाजार को तालाब में बदल देती थी। अगुवानी-महेशखुट मुख्य सड़क पर दुकानदार, रोजमर्रा की खरीदारी करने वाले लोग, वाहन चालक सभी को घुटनों तक गंदे पानी और कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई-कई दिनों तक पानी नहीं निकलता था। जाम की स्थिति सामान्य थी और बारिश के दिनों में बाजार की हालत इतनी दयनीय हो जाती थी कि चलना तक मुश्किल हो जाता था। दुकानदारों के व्यापार पर इसका सीधा असर पड़ता था और कई बार स्थिति नर्क जैसी हो जाती थी। विधायक और नगर पंचायत की पहल से मिला समाधान जलजमाव की समस्या को लेकर लोग लंबे समय से आवाज उठा रहे थे।परबत्ता के पूर्व विधायक डॉ.संजीव कुमार ने इस मुद्दे को कई बार विधानसभा में उठाया और नाला निर्माण को बाजार की सबसे बड़ी जरूरत बताया। नगर पंचायत परबत्ता की चेयरमैन ने भी इसे प्राथमिकता सूची में रखकर विभागीय अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए रखा। काफी प्रयासों के बाद योजना स्वीकृत हुई और पूर्व विधायक डॉ. संजीव कुमार ने इसका शिलान्यास किया। इससे पहले कुछ जगहों पर सड़क उचिकरण का काम कराया गया था, लेकिन नाला नहीं होने से राहत अस्थायी ही रहती थी। अब नाला निर्माण शुरू होने से उम्मीद है कि समस्या स्थायी रूप से खत्म होगी। क्यों जरूरी था नाला निर्माण? परबत्ता बाजार अगुवानी–महेशखुट रोड पर स्थित है और पूरे प्रखंड का मुख्य व्यापारिक केंद्र है। यहां माधवपुर, कबेला, नयागांव, बलहा, गोविंदपुर, डुमरिया बुजुर्ग, सिराजपुर, लगार, चकप्रयाग सहित कई पंचायतों के लोग रोजाना आते हैं। नाला नहीं होने से सड़क के किनारे गंदा पानी जमा हो जाता था। बदबू और मच्छरों की समस्या रहती थी। दुकानों का कारोबार प्रभावित होता था। बच्चों और महिलाओं के लिए बाजार पार करना मुश्किल हो जाता था। बारिश में वाहनों की आवाजाही रुक जाती थी। कई बार एम्बुलेंस तक के पहिए पानी में धंस जाते थे नाला निर्माण की शुरुआत ने इन सभी परेशानियों के समाधान की उम्मीद जगा दी है। लोगों में उत्साह- ‘अब बदलेगा बाजार का स्वरूप’ स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि नाला निर्माण पूरा होते ही बाजार का चेहरा बदल जाएगा।जल निकासी की व्यवस्था सुधरेगी, व्यापार प्रभावित नहीं होगा और लोगों को रोजमर्रा की समस्याओं से राहत मिलेगी। कई वर्षों से लंबित यह काम अब तेजी से चल रहा है। बाजारवासियों का कहना है कि कुछ ही महीनों में परबत्ता बाजार स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित रूप में नजर आएगा और जलजमाव की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।


