राजकीय मलमास मेला-2026 में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को पुख्ता करने के उद्देश्य से 23 मई की देर रात जिला पदाधिकारी (डीएम) कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक(एसपी) भारत सोनी ने खुद मोर्चा संभाला। दोनों अधिकारियों ने राजगीर स्थित ब्रह्मकुंड परिसर, आवासन स्थलों और पूरे मेला क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने मेले में तैनात दंडाधिकारियों और पुलिस बल की मुस्तैदी की जांच की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी कहा कि विधि-व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ड्यूटी से गायब रहने वाले या काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। श्रद्धालुओं से जाना हाल-चाल डीएम और एसपी ने खुद आवासन स्थलों पर जाकर श्रद्धालुओं से बातचीत की। उन्होंने ठहरने, साफ-सफाई, शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का फीडबैक लिया। श्रद्धालुओं ने प्रशासन की ओर की गई बेहतर व्यवस्थाओं की सराहना की। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर स्तर पर श्रद्धालुओं को सहयोग प्रदान किया जाए ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। भीषण गर्मी से राहत के लिए विशेष इंतजाम प्रशासन ने भीषण गर्मी को देखते हुए व्यापक तैयारी की है। जिग-जैग कतारों में खड़े श्रद्धालुओं के लिए पानी और मिस्ट कूलर, मिस्ट फैन एवं मिस्ट स्प्रे की व्यवस्था की गई है। साथ ही, एलईडी स्क्रीन के माध्यम से भक्ति गीतों का प्रसारण कर माहौल को आध्यात्मिक और उत्साहपूर्ण बनाया गया है। सेवा की मिसाल बने आपदा मित्र मेला क्षेत्र में आपदा मित्रों की भूमिका सराहनीय रही है। बुजुर्ग और असहाय श्रद्धालुओं को व्हीलचेयर के माध्यम से ब्रह्मकुंड तक पहुंचाने और स्नान कराने में तत्परता से जुटे हैं। इसके अलावा, कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के जरिए भीड़ और यातायात पर पैनी नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं का पुख्ता बंदोबस्त श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जगह-जगह हेल्थ कैंप और एंबुलेंस की सुविधा मुहैया कराई गई है, जहां निशुल्क दवाइयों और इलाज की व्यवस्था है। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त, वरीय उपसमाहर्ता (स्थापना), अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित जिले के कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। राजकीय मलमास मेला-2026 में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। सुरक्षा और व्यवस्थाओं को पुख्ता करने के उद्देश्य से 23 मई की देर रात जिला पदाधिकारी (डीएम) कुंदन कुमार और पुलिस अधीक्षक(एसपी) भारत सोनी ने खुद मोर्चा संभाला। दोनों अधिकारियों ने राजगीर स्थित ब्रह्मकुंड परिसर, आवासन स्थलों और पूरे मेला क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने मेले में तैनात दंडाधिकारियों और पुलिस बल की मुस्तैदी की जांच की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी कहा कि विधि-व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ड्यूटी से गायब रहने वाले या काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। श्रद्धालुओं से जाना हाल-चाल डीएम और एसपी ने खुद आवासन स्थलों पर जाकर श्रद्धालुओं से बातचीत की। उन्होंने ठहरने, साफ-सफाई, शौचालय और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का फीडबैक लिया। श्रद्धालुओं ने प्रशासन की ओर की गई बेहतर व्यवस्थाओं की सराहना की। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर स्तर पर श्रद्धालुओं को सहयोग प्रदान किया जाए ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। भीषण गर्मी से राहत के लिए विशेष इंतजाम प्रशासन ने भीषण गर्मी को देखते हुए व्यापक तैयारी की है। जिग-जैग कतारों में खड़े श्रद्धालुओं के लिए पानी और मिस्ट कूलर, मिस्ट फैन एवं मिस्ट स्प्रे की व्यवस्था की गई है। साथ ही, एलईडी स्क्रीन के माध्यम से भक्ति गीतों का प्रसारण कर माहौल को आध्यात्मिक और उत्साहपूर्ण बनाया गया है। सेवा की मिसाल बने आपदा मित्र मेला क्षेत्र में आपदा मित्रों की भूमिका सराहनीय रही है। बुजुर्ग और असहाय श्रद्धालुओं को व्हीलचेयर के माध्यम से ब्रह्मकुंड तक पहुंचाने और स्नान कराने में तत्परता से जुटे हैं। इसके अलावा, कंट्रोल रूम से सीसीटीवी कैमरों के जरिए भीड़ और यातायात पर पैनी नजर रखी जा रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं का पुख्ता बंदोबस्त श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए जगह-जगह हेल्थ कैंप और एंबुलेंस की सुविधा मुहैया कराई गई है, जहां निशुल्क दवाइयों और इलाज की व्यवस्था है। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त, वरीय उपसमाहर्ता (स्थापना), अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित जिले के कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।


