जिलाधिकारी तरनजोत सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को बेतिया स्थित समाहरणालय परिसर में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से आए बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। बिजली, पेयजल और सड़क निर्माण की सुनवाई जनसुनवाई कार्यक्रम में कुल 71 मामलों की सुनवाई हुई। इनमें भूमि विवाद, राजस्व संबंधी समस्याएं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली आपूर्ति, पेयजल संकट, सड़क निर्माण एवं मरम्मत तथा राशन कार्ड से जुड़ी शिकायतें प्रमुख थीं। कई फरियादियों ने सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ न मिलने, अंचल कार्यालयों में लंबित मामलों और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी की शिकायत भी की। शिकायतों के निष्पादन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं जिलाधिकारी ने सभी मामलों की क्रमवार समीक्षा की और संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है, और प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का गंभीरता से निर्वहन करें। कार्यक्रम के दौरान कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। वहीं, जटिल मामलों के लिए संबंधित विभागों को जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से जनता की शिकायतों के निवारण में संवेदनशीलता और पारदर्शिता बनाए रखने को कहा, ताकि प्रशासन पर लोगों का विश्वास मजबूत हो सके। शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का आश्वासन जनसुनवाई में जिला स्तरीय कई अधिकारी उपस्थित रहे। लोगों ने सीधे जिलाधिकारी के समक्ष अपनी समस्याएं रखकर संतोष व्यक्त किया। ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों ने बताया कि जनसुनवाई कार्यक्रम से उन्हें अपनी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने का बेहतर अवसर मिलता है। प्रशासन की ओर से सभी शिकायतों का नियमानुसार एवं शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को बेतिया स्थित समाहरणालय परिसर में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से आए बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। बिजली, पेयजल और सड़क निर्माण की सुनवाई जनसुनवाई कार्यक्रम में कुल 71 मामलों की सुनवाई हुई। इनमें भूमि विवाद, राजस्व संबंधी समस्याएं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली आपूर्ति, पेयजल संकट, सड़क निर्माण एवं मरम्मत तथा राशन कार्ड से जुड़ी शिकायतें प्रमुख थीं। कई फरियादियों ने सरकारी योजनाओं का समय पर लाभ न मिलने, अंचल कार्यालयों में लंबित मामलों और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी की शिकायत भी की। शिकायतों के निष्पादन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं जिलाधिकारी ने सभी मामलों की क्रमवार समीक्षा की और संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है, और प्रत्येक अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का गंभीरता से निर्वहन करें। कार्यक्रम के दौरान कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। वहीं, जटिल मामलों के लिए संबंधित विभागों को जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से जनता की शिकायतों के निवारण में संवेदनशीलता और पारदर्शिता बनाए रखने को कहा, ताकि प्रशासन पर लोगों का विश्वास मजबूत हो सके। शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का आश्वासन जनसुनवाई में जिला स्तरीय कई अधिकारी उपस्थित रहे। लोगों ने सीधे जिलाधिकारी के समक्ष अपनी समस्याएं रखकर संतोष व्यक्त किया। ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों ने बताया कि जनसुनवाई कार्यक्रम से उन्हें अपनी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने का बेहतर अवसर मिलता है। प्रशासन की ओर से सभी शिकायतों का नियमानुसार एवं शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया।


