भास्कर न्यूज|मधुबनी रहिका थाना क्षेत्र में डीजे संचालकों के बीच पुलिस का भय लगभग नज़र नहीं आता, जिसका परिणाम लगातार बढ़ते नियम उल्लंघन के रूप में सामने आ रहा है। क्षेत्र में कई डीजे वाहन रात के समय तेज़ रफ़्तार से सड़कों पर दौड़ते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। हाल ही में ऐसी ही लापरवाही ने एक व्यक्ति की जान ले ली। बीते दिनों ककरौल पंचायत के वार्ड संख्या 13 में अनिल यादव एक तेज़ रफ़्तार डीजे वाहन की चपेट में आने से उनकी दर्दनाक मृत्यु हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात 10 बजे के बाद डीजे संचालन पर प्रतिबंध होने के बावजूद इस नियम का खुलेआम उल्लंघन किया जाता है। कई बार रात देर तक तेज़ आवाज़ में डीजे बजता रहता है, लेकिन पुलिस प्रशासन इस पर कोई सख़्त कार्रवाई नहीं करता, जिससे संचालकों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती, तो शायद ऐसी घटना को टाला जा सकता था। लोगों ने मांग की है कि डीजे वाहनों की जांच, निगरानी और रात के बाद इनके संचालन पर रोक सुनिश्चित की जाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। भास्कर न्यूज|मधुबनी रहिका थाना क्षेत्र में डीजे संचालकों के बीच पुलिस का भय लगभग नज़र नहीं आता, जिसका परिणाम लगातार बढ़ते नियम उल्लंघन के रूप में सामने आ रहा है। क्षेत्र में कई डीजे वाहन रात के समय तेज़ रफ़्तार से सड़कों पर दौड़ते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। हाल ही में ऐसी ही लापरवाही ने एक व्यक्ति की जान ले ली। बीते दिनों ककरौल पंचायत के वार्ड संख्या 13 में अनिल यादव एक तेज़ रफ़्तार डीजे वाहन की चपेट में आने से उनकी दर्दनाक मृत्यु हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रात 10 बजे के बाद डीजे संचालन पर प्रतिबंध होने के बावजूद इस नियम का खुलेआम उल्लंघन किया जाता है। कई बार रात देर तक तेज़ आवाज़ में डीजे बजता रहता है, लेकिन पुलिस प्रशासन इस पर कोई सख़्त कार्रवाई नहीं करता, जिससे संचालकों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती, तो शायद ऐसी घटना को टाला जा सकता था। लोगों ने मांग की है कि डीजे वाहनों की जांच, निगरानी और रात के बाद इनके संचालन पर रोक सुनिश्चित की जाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


