हिंद की चादर कहे जाने वाले सिखों के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिहाड़े के मौके पर राजस्थान में भी बड़ा धार्मिक आयोजन होने की संभावना है। डॉ. अंबेडकर चेंबर ऑफ कॉमर्स (DACC) के एक डेलिगेशन ने राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा से मुलाकात कर राजस्थान में ‘रंगरेटे, गुरु के बेटे’ नाम से भव्य कार्यक्रम आयोजित कराने की मांग की है। डीएसीसी के डायरेक्टर जनरल और भाजपा (पंजाब) के प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व विधायक सरदार इंदर इकबाल सिंह अटवाल के नेतृत्व में गए डेलिगेशन ने सीएम को ज्ञापन सौंपा। अटवाल ने बताया- देशभर में श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां प्रकाश पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। कई राज्यों में धार्मिक नगर कीर्तन, सेमिनार और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के काम चल रहे हैं। बोले- युवाओं को उनके बलिदान की जानकारी मिले अटवाल ने बताया- इस ऐतिहासिक वर्ष में मजहबी सिख समाज के महान अमर शहीद बाबा जीवन सिंह (भाई जैता जी) और उनके परिवार की भूमिका को रेखांकित करने की जरूरत है। भाई जैता जी ने ही गुरु तेग बहादुर जी का शीश दिल्ली से श्रीआनंदपुर साहिब तक पहुंचाया था। उनके पिता भाई सदानंद जी गुरु साहिब के करीबी थे। दोनों ने सिख इतिहास में अमिट योगदान दिया। अटवाल ने कहा- राजस्थान सरकार, डीएसीसी के सहयोग से राजस्थान में ‘रंगरेटे, गुरु के बेटे’ कार्यक्रम आयोजित कराए ताकि आमजन को अमर शहीद बाबा जीवन सिंह जी एंव उनके परिवार के बलिदान की जानकारी मिले। राजस्थान के इन इलाकों में सिख समाज की बड़ी आबादी सीएम ने डेलिगेशन का अपने आवास पर स्वागत किया और मांग पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। जानकारी मुताबिक जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक फैसला हो सकता है। बता दें कि श्रीगंगानगर के साथ-साथ राजस्थान के अलवर, बीकानेर, हनुमानगढ़ व अन्य जिलों में सिख समुदाय की बड़ी आबादी है और यह आयोजन ऐतिहासिक होने की पूरी संभावना है। डेलिगेशन में सरवत खालसा पंथ के प्रदेशाध्यक्ष व गुरु नानकसर साहिब गुरुद्वारा के प्रधान सरदार लखवीर सिंह लक्खा, जगतार सिंह, गुरप्रीत सिंह, राजकुमार, निरंजन सिंह, जसजीत सिंह सहोता, हरसिमरनजीत सिंह सहित अनेक लोग मौजूद रहे।


