रायपुर। सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के रिक्त 2300 पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर 59 दिन से डीएड प्रशिक्षित अभ्यर्थी अनशन पर बैठे हैं। लंबे समय से शांतिपूर्ण आंदोलन के बावजूद शासन-प्रशासन द्वारा कोई ठोस निर्णय न लिए जाने से अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। 18 फरवरी से जेल में बंद लगभग 125 अभ्यर्थी उसी दिन से आमरण अनशन पर बैठे हैं। अभ्यर्थियों ने बताया कि 18 फरवरी को शासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल न होने के कारण आंदोलनकारियों ने सामूहिक रूप से प्रतीकात्मक विरोध करते हुए आग जलाकर अंगारों पर चलकर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस प्रशासन एवं फायर ब्रिगेड की टीम ने आग को बुझाया। इसके बाद पुलिस प्रशासन और डीएड अभ्यर्थियों के बीच झड़प हुई। जिसमें 4 डीएड अभ्यर्थियों को गंभीर रूप से चोट आई और वे बेहोश हो गए। फिर शाम 6.30 बजे के बाद सभी अभ्यर्थियों को बस में बैठाकर हिरासत में लेते हुए सेंट्रल जेल ले जाया गया। जेल में सभी डीएलएड अभ्यर्थी उसी दिन से आमरण अनशन कर रहे हैं जिनमें 45 महिला और 80 पुरुष अभ्यर्थी हैं। अभ्यर्थियों की शारीरिक एवं मानसिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। जेल से किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी जा रही है।सामूहिक गिरफ्तारी देकर आमरण अनशन की धमकीअभ्यर्थियों का कहना है कि अगर मांग पूरी नहीं होती तो पूरे परिवारजनों के साथ अभ्यर्थी सामूहिक गिरफ्तारी देकर जेल भरो आंदोलन करते हुए जेल में ही आमरण अनशन करेंगे। उनका कहना है कि वे लगातार जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों से मिलकर अपनी समस्याओं से अवगत करा रहे हैं, परंतु प्रत्येक स्तर पर केवल आश्वासन ही प्राप्त हो रहा है। शिक्षा मंत्री से मिलने पर मुख्यमंत्री एवं वित्त विभाग का हवाला दिया जाता है, वित्त विभाग से मिलने पर शिक्षा विभाग द्वारा प्रस्ताव लाने की बात कही जाती है, वहीं मुख्यमंत्री स्तर पर वित्तीय कमी का कारण बताया जा रहा है। इस स्थिति से अभ्यर्थियों में निराशा और आक्रोश दोनों बढ़ रहा है। अभ्यर्थी 2300 रिक्त पदों पर पात्र डीएलएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति, न्यायालय के आदेशों का पालन करने की मांग कर रहे हैं।
59 दिन से अनशन पर डीएलएड अभ्यर्थी, जेल में भी 125 आमरण अनशन पर, 2300 रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग


