बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के भूड़ इलाके में उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 50 हिंदू परिवारों ने सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन करने का ऐलान कर दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके के कुछ दबंग उन्हें 70 साल पुराने संतोषी माता मंदिर का जीर्णोद्धार नहीं करने दे रहे हैं। आक्रोशित लोगों ने दो टूक कहा कि ‘योगी राज’ में भी अगर हम अपना मंदिर नहीं बनवा सकते, तो हमारे पास नमाज पढ़ने और मुसलमान बनने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। पुलिस पर मिलीभगत का आरोप, रुकवाया काम कॉलोनी वासियों का सबसे बड़ा गुस्सा पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होते ही पुलिस मौके पर पहुंच जाती है और काम रुकवा देती है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, वे पुलिस से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा-लगाकर थक चुके हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। आरोप है कि पुलिस प्रशासन दबंगों के दबाव में काम कर रहा है। थाने में जुटी भारी भीड़, हिंदू संगठन भी उतरे समर्थन में शुक्रवार को बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष प्रेमनगर थाने पहुंचे। इस दौरान हिंदू संगठनों के पदाधिकारी भी वहां पहुंच गए और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही मंदिर निर्माण की बाधाओं को दूर नहीं किया गया और दबंगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़ा आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। 70 साल पुराना है मंदिर का इतिहास भूड़ स्थित संतोषी माता का यह मंदिर करीब 70 साल पुराना बताया जा रहा है। मंदिर जर्जर हालत में था, जिसे स्थानीय लोग आपसी सहयोग से ठीक करवा रहे थे। लोगों का कहना है कि यह उनकी आस्था का केंद्र है, लेकिन कुछ लोग जानबूझकर इस पवित्र कार्य में अड़ंगा डाल रहे हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या रुख अपनाता है।


