भ्रष्टाचार की जांच, टीम बनी पर सदस्यों को पता ही नहीं

सीएमएचओ दफ्तर में कथित घोटाला इन दिनों चर्चा में है। इस तरह की शिकायत दो महीने पहले संभाग आयुक्त तक पहुंची थी पर जांच अभी तक चालू नहीं हो सकी है। वहीं जांच के लिए जो टीम बनी है उसके सदस्यों को अभी तक मामले की पूरी जानकारी नहीं है। एक अधिकारी को तो यह भी नहीं पता कि वे जांच टीम में शामिल हैं। संभाग आयुक्त मनोज खत्री ने 4 सितंबर को कलेक्टर को पत्र लिखकर उनके पास पहुंची शिकायत की जांच के लिए कहा था। इस शिकायत में सीएमएचओ पर आर्थिक भ्रष्टाचार व कूट रचित दस्तावेज के आधार पर काम किए जाने का आरोप था। चूंकि मामला संभाग आयुक्त तक पहुंचा था, इसलिए 29 अक्टूबर को कलेक्टर ने तीन सदस्यों की जांच टीम गठित की। इसमें संयुक्त कलेक्टर अनिल बनवारिया, शिकायत शाखा के प्रभारी के रूप में डिप्टी कलेक्टर अनिल राघव व सहायक कोषालय अधिकारी अभिषेक शर्मा को शामिल किया गया। जांच टीम में शामिल श्री बनवारिया ने एक दिन पहले कहा कि उन्हें आदेश नहीं मिला है। वहीं श्री राघव ने कहा कि एक दिन पहले ही आदेश मिला है। कलेक्टर की ओर से 29 अक्टूबर को जो आदेश जारी हुआ है उसमें टीम को निर्देश हैं कि वेजांचके बिंदु तय कर एक सप्ताह में रिपोर्टदें। जांच टीम के सदस्य डिप्टी कलेक्टर राघव ने कहा कि वे जल्द ही शिकायत की विस्तृत जांच करेंगे।

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