ब्यावर कलेक्टर कमलराम मीणा ने सोमवार देर रात राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय का निरीक्षण किया। अचानक हुई इस कार्रवाई से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। कलेक्टर ने अस्पताल की संपूर्ण व्यवस्थाओं का ग्राउंड रियलिटी परखने के लिए विस्तार से निरीक्षण किया। कलेक्टर मीणा ने इमरजेंसी सेवाओं, ट्रॉमा वार्ड, दवाइयों की उपलब्धता, सफाई व्यवस्था और स्टाफ उपस्थिति की गहन जांच की। उन्होंने मरीजों को दी जा रही सेवाओं पर फीडबैक भी लिया और इमरजेंसी केयर में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरतने के निर्देश दिए। ट्रॉमा वार्ड में अलग रजिस्ट्रेशन डेस्क का निर्देश निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने आपातकालीन मरीजों की रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आसान करने के लिए ट्रॉमा वार्ड में ही रजिस्ट्रेशन काउंटर स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा—“आपात स्थिति में हर मिनट कीमती होता है, उपचार में देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” स्टाफ को मानवीय व्यवहार और संवेदनशीलता के निर्देश कलेक्टर ने चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल टीम को सजगता, समयबद्धता और संवेदनशीलता बनाए रखने के निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों के सम्मान और मानवीय व्यवहार में किसी प्रकार की कमी स्वीकार्य नहीं है।व्यवस्थाओं में कमी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं पर जोर अंत में कलेक्टर मीणा ने कहा कि मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से बेहतर समन्वय और कुशल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।


