रहिका प्रखंड कार्यालय में बाल संरक्षण समिति की बैठक:बाल विवाह, श्रम, मजदूरी और तस्करी पर चर्चा की गई

रहिका प्रखंड कार्यालय में बाल संरक्षण समिति की बैठक:बाल विवाह, श्रम, मजदूरी और तस्करी पर चर्चा की गई

मधुबनी जिले के रहिका प्रखंड कार्यालय में गुरुवार को बाल संरक्षण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसका आयोजन मिथिला कला विकास समिति द्वारा किया गया था। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी आशुतोष कुमार ने की, जिसमें सभी मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, थाना प्रतिनिधि और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। बैठक में बाल संरक्षण से जुड़े गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें बाल विवाह, बाल श्रम, बाल मजदूरी और बाल तस्करी जैसे विषय शामिल थे। मिथिला कला विकास समिति ने बताया कि वे लंबे समय से इन मुद्दों पर काम कर रहे हैं और पंचायत तथा वार्ड स्तर पर बाल संरक्षण समितियों का गठन लगातार जारी है। संस्था के सचिव मनोज कुमार झा ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों की सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बच्चों की तस्करी से संबंधित हाल ही में फैली अफवाहों पर चिंता व्यक्त की। झा ने जोर दिया कि समाज के सभी प्रतिनिधियों के सहयोग से सतत निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। तय किया गया कि बच्चों के साथ होने वाले सामाजिक, आर्थिक और अन्य प्रकार के शोषण की पहचान कर उसे ग्राम सभा में प्रमुखता से उठाया जाएगा। साथ ही, इस विषय पर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा एक कार्ययोजना (शेड्यूल) तैयार कर सभी पंचायतों को दी जाएगी। इसके तहत पंचायतें समय-समय पर बैठकें आयोजित करेंगी और उनकी रिपोर्ट प्रखंड विकास पदाधिकारी को प्रस्तुत करेंगी। इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा बाल संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की गई। विशेष रूप से प्रभारी नितेश पाठक द्वारा बच्चों के हित में समय-समय पर आयोजित बैठकों और कार्यों को महत्वपूर्ण बताया गया। संस्था के बाल संरक्षण प्रभारी राहुल कुमार और काजल ठाकुर भी बैठक में उपस्थित थे। बैठक में उपस्थित अन्य प्रमुख व्यक्तियों में खुशबू कुमारी, थाना प्रतिनिधि परवेज आलम अंसारी, पंचायत समिति सदस्य शांति कुमारी, उप प्रमुख जयंती देवी, प्रमुख अरुणा देवी, रानी देवी, अर्चना देवी, विजय राम सहित कई मुखिया प्रतिनिधि और पंचायत समिति सदस्य शामिल थे। मधुबनी जिले के रहिका प्रखंड कार्यालय में गुरुवार को बाल संरक्षण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसका आयोजन मिथिला कला विकास समिति द्वारा किया गया था। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड विकास पदाधिकारी आशुतोष कुमार ने की, जिसमें सभी मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, थाना प्रतिनिधि और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। बैठक में बाल संरक्षण से जुड़े गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। इनमें बाल विवाह, बाल श्रम, बाल मजदूरी और बाल तस्करी जैसे विषय शामिल थे। मिथिला कला विकास समिति ने बताया कि वे लंबे समय से इन मुद्दों पर काम कर रहे हैं और पंचायत तथा वार्ड स्तर पर बाल संरक्षण समितियों का गठन लगातार जारी है। संस्था के सचिव मनोज कुमार झा ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों की सुरक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बच्चों की तस्करी से संबंधित हाल ही में फैली अफवाहों पर चिंता व्यक्त की। झा ने जोर दिया कि समाज के सभी प्रतिनिधियों के सहयोग से सतत निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना आवश्यक है। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। तय किया गया कि बच्चों के साथ होने वाले सामाजिक, आर्थिक और अन्य प्रकार के शोषण की पहचान कर उसे ग्राम सभा में प्रमुखता से उठाया जाएगा। साथ ही, इस विषय पर लगातार जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। प्रखंड विकास पदाधिकारी द्वारा एक कार्ययोजना (शेड्यूल) तैयार कर सभी पंचायतों को दी जाएगी। इसके तहत पंचायतें समय-समय पर बैठकें आयोजित करेंगी और उनकी रिपोर्ट प्रखंड विकास पदाधिकारी को प्रस्तुत करेंगी। इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा बाल संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की गई। विशेष रूप से प्रभारी नितेश पाठक द्वारा बच्चों के हित में समय-समय पर आयोजित बैठकों और कार्यों को महत्वपूर्ण बताया गया। संस्था के बाल संरक्षण प्रभारी राहुल कुमार और काजल ठाकुर भी बैठक में उपस्थित थे। बैठक में उपस्थित अन्य प्रमुख व्यक्तियों में खुशबू कुमारी, थाना प्रतिनिधि परवेज आलम अंसारी, पंचायत समिति सदस्य शांति कुमारी, उप प्रमुख जयंती देवी, प्रमुख अरुणा देवी, रानी देवी, अर्चना देवी, विजय राम सहित कई मुखिया प्रतिनिधि और पंचायत समिति सदस्य शामिल थे।  

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