CG News: धान खरीदी के अंतिम चरण में अन्नदाता का संकट गहराता जा रहा है। 31 जनवरी की डेडलाइन तक अब सिर्फ 10 दिन शेष हैं, लेकिन अभी भी 3 लाख से अधिक किसान एक भी टोकन नहीं कटवा पाए हैं। इसमें लघु, सीमांत से लेकर दीर्घ कृषक तक शामिल हैं, जबकि करीब 24 हजार बड़े किसान भी खरीदी की पारी में प्रवेश नहीं कर पाए हैं। दूसरी ओर, जिन्होंने समय पर टोकन कटवा लिया, ऐसे 8 लाख से ज्यादा किसान अभी भी खरीदी केंद्रों पर बारी का इंतजार कर रहे हैं।
किसानों के टोकन नहीं लेने के मामले में सहकारी समितियों के प्रबंधकों का कहना है कि अभी 31 जनवरी तक समय है, लेकिन इस प्रक्रिया में भी वहीं किसान भाग ले सकेंगे, जिनका टोकन कट चुका है। अब यह देखना होगा कि किसानों ने टोकन क्यों नहीं कटाया। हालांकि हर साल बड़ी संख्या में किसान टोकन प्रक्रिया में भाग नहीं लेते हैं। उत्पादन से लेकर प्रॉपर्टी बंटवारा पारिवारिक मामला भी देखा गया है।.
लाखों टन धान का उठाव नहीं
इधर धान खरीदी प्रक्रिया पर गौर करें तो अभी भी सहकारी समितियों में लाखों क्विंटल धान का उठाव नहीं होने से खरीदी की गति लगातार प्रभावित हो रही है। कई जिलों में खरीदी केंद्रों का स्टॉक बफर लिमिट से ऊपर पहुँच चुका है, जिसकी वजह से प्रक्रिया अवरुद्ध हो रही है। पूरे प्रदेश में धान खरीदी को लेकर विवाद, विरोध और असंतोष की स्थिति बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि धान खरीदी की प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले राज्य सरकार ने 38 अधिकारी-कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की गई है।
वर्जन….
किसान ही बता पाएंगे कि वे टोकन प्रक्रिया में शामिल क्यों नहीं हुए,जबकि लाखों किसानों ने इस प्रक्रिया के तहत धान बिक्री की है। अब तक 18 लाख के करीब किसानों को 23 हजार करोड़ से अधिक का भुगतान किया जा चुका है।
जितेंद्र शुक्ला
एमडी, मार्कफेड
पत्रिका लगातार….
फैक्ट फाइल
किसान अभी तक नहीं कटा पाए हैं टोकन
सीमांत कृषक
पात्र किसान-1366700
एक भी टोकन नहीं- 193146
लघु कृषक-
पात्र किसान- 1277369
एक भी टोकन नहीं- 91869
दीर्घ कृषक
पात्र किसान- 99079
एक भी टोकन नहीं- 24803
हाइलाइटर
प्रदेश की स्थिति पंजीकृत किसानों की कुल संख्या- 27 लाख 43 हजार 169
कुल रकबा- 32 लाख 74 हजार 296 हेक्टेयर
धान बेचने वाले कुल किसान- 18 लाख 65 हजार 065
जिनका धान नहीं बिका है ऐसे किसान- 8 लाख 78 हजार 104
हाइलाइटर
सबसे बदतर स्थिति जहां स्टॉक बफर लिमिट से ज्यादा है
जिला-उपार्जन केंद्रों की संख्या- बफर लिमिट से ज्यादा केंद्रों की संख्या
बस्तर- 79-79
बीजापुर-30-29
कोंडागांव- 67-64
कांकेर-149-128
बालोद- 143-111
नारायणपुर- 17-15
राजनांदगांव- 96-81
रायपुर 139-42
दुर्ग-102-64
(नोट-आंकड़े मार्कफेड से मिली जानकारी के मुताबिक 14 फरवरी 2026 की स्थिति में)


