औरंगाबाद जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से मनरेगा बचाओ संघर्ष के तहत रविवार को एक दिवसीय उपवास और प्रतीकात्मक विरोध-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम सत्येंद्र नारायण सिन्हा स्मृति भवन के पास आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र यादव ने की। उपवास कार्यक्रम में औरंगाबाद सदर के पूर्व विधायक आनंद शंकर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक आनंद शंकर सिंह ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी के विचारों और उनके नाम से जुड़ी योजनाओं को समाप्त करने की साजिश कर रही है। मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को कमजोर करने के लिए नई-नई योजनाएं लाकर राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाला जा रहा है। इसका सीधा असर बिहार जैसे गरीब और श्रमिक बहुल राज्य पर पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा को कमजोर किया गया तो बिहार में यह योजना लगभग समाप्त हो जाएगी और एक बार फिर राज्य के युवा पलायन को मजबूर होंगे। गरीब विरोधी नीति लागू कर रही केंद्र सरकार आनंद शंकर सिंह ने कहा कि जब केंद्र सरकार मनरेगा के तहत 90 प्रतिशत राशि देती थी, तब भी बिहार सरकार का लगभग 20 हजार करोड़ रुपए बकाया है। ऐसे में नई व्यवस्था लागू कर राज्यों पर बोझ डालना पूरी तरह से अन्याय है। कांग्रेस पार्टी मनरेगा को बचाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव ने कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों की जीवनरेखा है। इस योजना से न सिर्फ रोजगार मिलता है, बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है। केंद्र सरकार की नीतियां गरीब विरोधी हैं और कांग्रेस पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। कार्यक्रम में ये रहे शामिल उपवास-विरोध कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ और कार्यकर्ता नेता शामिल हुए। प्रमुख रूप से शैलू दुबे, अरविंद शर्मा, शैलेन्द्र मिश्र शैल, अरविंद सिंह, राशिद खान, जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र यादव, प्रदीप कुमार सिंह, चुलबुल सिंह, जिला परिषद सदस्य सह महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष गायत्री देवी, अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष जुल्फिकार हैदर, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र पासवान, जिला उपाध्यक्ष उदय पासवान, सूरज राय, विजय पांडे सहित विभिन्न प्रखंडों के अध्यक्ष और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में मनरेगा को बचाने और गरीबों के अधिकार की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। औरंगाबाद जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से मनरेगा बचाओ संघर्ष के तहत रविवार को एक दिवसीय उपवास और प्रतीकात्मक विरोध-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम सत्येंद्र नारायण सिन्हा स्मृति भवन के पास आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र यादव ने की। उपवास कार्यक्रम में औरंगाबाद सदर के पूर्व विधायक आनंद शंकर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक आनंद शंकर सिंह ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी के विचारों और उनके नाम से जुड़ी योजनाओं को समाप्त करने की साजिश कर रही है। मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को कमजोर करने के लिए नई-नई योजनाएं लाकर राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाला जा रहा है। इसका सीधा असर बिहार जैसे गरीब और श्रमिक बहुल राज्य पर पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा को कमजोर किया गया तो बिहार में यह योजना लगभग समाप्त हो जाएगी और एक बार फिर राज्य के युवा पलायन को मजबूर होंगे। गरीब विरोधी नीति लागू कर रही केंद्र सरकार आनंद शंकर सिंह ने कहा कि जब केंद्र सरकार मनरेगा के तहत 90 प्रतिशत राशि देती थी, तब भी बिहार सरकार का लगभग 20 हजार करोड़ रुपए बकाया है। ऐसे में नई व्यवस्था लागू कर राज्यों पर बोझ डालना पूरी तरह से अन्याय है। कांग्रेस पार्टी मनरेगा को बचाने के लिए सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी और जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव ने कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों की जीवनरेखा है। इस योजना से न सिर्फ रोजगार मिलता है, बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है। केंद्र सरकार की नीतियां गरीब विरोधी हैं और कांग्रेस पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। कार्यक्रम में ये रहे शामिल उपवास-विरोध कार्यक्रम में कांग्रेस के कई वरिष्ठ और कार्यकर्ता नेता शामिल हुए। प्रमुख रूप से शैलू दुबे, अरविंद शर्मा, शैलेन्द्र मिश्र शैल, अरविंद सिंह, राशिद खान, जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र यादव, प्रदीप कुमार सिंह, चुलबुल सिंह, जिला परिषद सदस्य सह महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष गायत्री देवी, अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष जुल्फिकार हैदर, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र पासवान, जिला उपाध्यक्ष उदय पासवान, सूरज राय, विजय पांडे सहित विभिन्न प्रखंडों के अध्यक्ष और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में मनरेगा को बचाने और गरीबों के अधिकार की लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया।


