केंद्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा में कहा कि संचार साथी ऐप से, जासूसी करना न तो संभव है, न ही जासूसी होगी। संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ऐप को लेकर कांग्रेस नेता दीपेंद्र सिंह हुड्डा के सवालों के जवाब पर कहा- फीडबैक के आधार पर, मंत्रालय ऐप इंस्टॉल करने के आदेश में बदलाव करने को तैयार है। सूचना मंत्रालय के 28 नवंबर को सभी मोबाइल फोन निर्माताओं को एक आदेश जारी किया था। इसमें कंपनियों को भारत में बेचे जाने वाले सभी हैंडसेटों के साथ-साथ सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए मौजूदा मोबाइल फोन में संचार साथी ऐप को पहले से इंस्टॉल करना अनिवार्य कर दिया था। इसको लेकर विवाद शुरू हो गया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा था कि यह कदम लोगों की प्राइवेसी पर सीधा हमला है। यह एक जासूसी एप है। सरकार हर नागरिक की निगरानी करना चाहती है। साइबर धोखाधड़ी रोकने लिए सिस्टम जरूरी है, लेकिन सरकार का यह आदेश लोगों की निजी जिंदगी में अनावश्यक दखल जैसा है।
केंद्र बोला- संचार साथी से जासूसी संभव नहीं, न होगी:हम आदेश बदलने को तैयार; पहले कहा था- हर मोबाइल में ऐप इंस्टॉल करना जरूरी


