रोहतास नगर पंचायत के वार्ड संख्या 8 में एक महत्वपूर्ण पुलिया टूट जाने से स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण इस मार्ग पर यातायात लगभग पूरी तरह ठप हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले छह महीनों से इस समस्या की जानकारी नगर पंचायत को दी जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह पुलिया लगभग 20 वर्ष पूर्व तत्कालीन मुखिया द्वारा बनवाई गई थी, जो अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। पुलिया टूटने से बीमार, बुजुर्ग और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। मरीजों को खटोले के सहारे पुलिया पार कराकर बाहर खड़ी एंबुलेंस तक पहुंचाना पड़ता है। इसके अलावा, शादी-विवाह जैसे सामाजिक कार्यक्रमों में भी वाहन घरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे लोगों को काफी असुविधा हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नगर पंचायत लंबे समय से प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार है। नगर पंचायत में पिछले कई महीनों से नियमित कार्यपालक पदाधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई है, जिसके कारण डेहरी के कार्यपालक पदाधिकारी को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि नगर पंचायत बने कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन धरातल पर विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहे हैं।इस संबंध में मुख पार्षद सुम्बुल आरा ने बताया कि पुलिया के निर्माण का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पारित हो चुका है। उन्होंने अधिकारियों की कमी को कार्य शुरू न होने का कारण बताया और शीघ्र कार्यपालक पदाधिकारी की नियुक्ति की मांग की, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके। रोहतास नगर पंचायत के वार्ड संख्या 8 में एक महत्वपूर्ण पुलिया टूट जाने से स्थानीय ग्रामीणों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिया क्षतिग्रस्त होने के कारण इस मार्ग पर यातायात लगभग पूरी तरह ठप हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले छह महीनों से इस समस्या की जानकारी नगर पंचायत को दी जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह पुलिया लगभग 20 वर्ष पूर्व तत्कालीन मुखिया द्वारा बनवाई गई थी, जो अब पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। पुलिया टूटने से बीमार, बुजुर्ग और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। मरीजों को खटोले के सहारे पुलिया पार कराकर बाहर खड़ी एंबुलेंस तक पहुंचाना पड़ता है। इसके अलावा, शादी-विवाह जैसे सामाजिक कार्यक्रमों में भी वाहन घरों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे लोगों को काफी असुविधा हो रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नगर पंचायत लंबे समय से प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार है। नगर पंचायत में पिछले कई महीनों से नियमित कार्यपालक पदाधिकारी की नियुक्ति नहीं हुई है, जिसके कारण डेहरी के कार्यपालक पदाधिकारी को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इससे स्थानीय स्तर पर विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि नगर पंचायत बने कई वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन धरातल पर विकास कार्य दिखाई नहीं दे रहे हैं।इस संबंध में मुख पार्षद सुम्बुल आरा ने बताया कि पुलिया के निर्माण का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में पारित हो चुका है। उन्होंने अधिकारियों की कमी को कार्य शुरू न होने का कारण बताया और शीघ्र कार्यपालक पदाधिकारी की नियुक्ति की मांग की, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।


