फरीदाबाद के गांव डीग के रहने वाले युवक लोकेश ने 9वीं एलीट मेन एंड वूमेन नेशनल बॉक्सिंग चैम्पियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है। 6 दिवसीय चैम्पियनशिप का आयोजन नोएडा में किया गया था। लोकेश ने 80-85 किलोग्राम वर्ग भार में जीत हासिल की है। लोकेश ने भारतीय सेना की तरफ से इसमें भाग लिया था। वह अभी सेना में रहकर देश की सेवा कर रहे है। SAI और BFI ने कराया आयोजन नोएड़ा में 4 जनवरी से लेकर 10 जनवरी कर 9वीं एलीट मेन एंड वूमेन नेशनल बॉक्सिंग चैम्पियनशिप कराई गई। इसमें पूरे देश से अलग-अलग राज्यों से आकर करीब 32 टीमों ने भाग लिया। इसका आयोजन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) और बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ( BFI) के द्वारा कराया गया । देश में पहली बार पुरुष और महिला वर्ग की नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप एक साथ आयोजित की गई। चैंपियनशिप में देशभर से लगभग 350 महिला और 400 पुरुष मुक्केबाजों ने भाग लिया। सेना की तरफ से खेलकर जीता गोल्ड इस चैम्पियनशिप में बल्लभगढ़ के गांव डीग के रहने वाले 28 साल के लोकेश ने सेना की तरफ से खेलते हुए भाग लिया। लोकेश अभी भारतीय सेना में सेवाएं दे रहे है। लोकेश ने इस प्रतियोगिता में 4 राउंड जीतकर फाइनल में अपनी जगह बनाई। फाइनल में पहुंचने से पहले उसका मुकाबला महाराष्ट्र, आल इंडिया पुलिस फोर्स, हरियाणा के बॉक्सरों के साथ हुआ था। जिसके बाद लोकेश ने फाइनल में BFI सर्विसेज की तरफ से खेलने वाले खिलाड़ी जुगुनू को 5-0 से को मात दी। पापा की इच्छा पूरी करने के लिए बने बाॅक्सर गोल्ड मेडलिस्ट लोकेश ने बताया कि 2012 में उन्होंने बॉक्सिंग की प्रैक्टिस करने की शुरूवात की। उन्होंने बॉक्सिंग को आपने पापा नाहर सिंह का सपना पूरा करने के लिए चुना। उनके पिता पेशे से वेटरनरी डॉक्टर रहे है। साल 2015 में वह भारतीय सेना में भर्ती हो गए। जिसके बाद सेना के स्पोर्ट्स कोटे से खेलते हुए वो यहां तक पहुंचे है। अभी तक वह कई सारी नेशनल लेवल की चैम्पियनशिप खेल चुके है। अब एशियन चैम्पियनशिप मे लेंगे भाग लोकेश ने बताया कि वह अब मार्च में होने वाली एशियन चैम्पियनशिप के लिए तैयारी करेंगे। मार्च में मंगोलिया में इसका आयोजन किया जाएगा। यह उनका पहला इंटरनेशनल स्तर पर मुकाबला होगा। इसको लेकर वह लगातार मेहनत कर रहे है। वो चाहते है कि इस चैम्पियनशिप में भी वो गोल्ड जीते और सेना न देश का नाम रोशन करें।


