रेवाड़ी नगर परिषद का कार्यकाल इसी माह पूरा हो जाएगा। चेयरमैन पद के लिए ड्रा 22 जनवरी को होगा। जिससे यह पता चलेगा कि चेयरमैन का पद आरक्षित होगा या सामान्य रहेगा। उससे पहले ही भाजपा ने जमीनी स्तर पर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। चेयरमैन पद के लिए उम्मीदवार का नाम फाइनल करने से पहले पार्टी ने बिहार की सर्वे टीम को मैदान में उतार दिया है। टीम गुपचुप तरीके से लोगों के बीच जाकर चेयरमैन पद के लिए संभावित चेहरों का फीडबैक लेकर पार्टी को सौंपेगी। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और प्रदेश सरकार के मंत्री राव नरबीर सिंह समर्थकों में से किसी को टिकट मिलेगी या कोई तीसरा बाजी मारेगा। अभी यह सभी के लिए जिज्ञासा बनी हुई है। वार्डों का पहले ही हो चुका आरक्षण
रेवाड़ी नगर परिषद 32 वार्ड हैं। इस साल फरवरी में होने वाले चुनाव के लिए वार्डों की संख्या 31 से बढ़ाकर 32 की गई है। वार्ड संख्या 3, 24, 27, 28, 30 और 32 एससी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। जिनमें से एससी महिला के लिए 27 और 30 वार्ड आरक्षित किए गए हैं।
इसी प्रकार से बीसीए के लिए वार्ड संख्या 9,13,16 और बीसीबी के लिए 11, 20, 25 और 26 आरक्षित किए गए हैं। बीसीए की महिला के लिए वार्ड 13 और बीसीबी की महिला के लिए 11 और 20 आरक्षित किए गए हैं।
अब तक राव इंद्रजीत का दबदबा
रेवाड़ी, महेद्रगढ़ और गुरुग्राम में पार्टी राव इंद्रजीत सिंह की पसंद को प्राथमिकता देती रही है। राव नरवीर सिंह को मनोहर लाल सरकार पार्ट वन में पॉवरफुल मंत्री माना जाता था। 2019 में कई नेता राव नरबीर का साथ पाकर टिकट पाना चाहते थे और राव नरबीर ह बादशाहपुर से खुद की टिकट भी नहीं बचा पाए थे। हालांकि 2024 में राव इंद्रजीत सिंह राव नरबीर सिंह को टिकट पाने और नायब मंत्रीमंडल का चेहरा बनने से रोकने में सफल नहीं हो पाए।
पूनम यादव राव इंद्रजीत सिंह की पंसद
2020 के नगर परिषद चुनाव में कई दिग्गज टिकट पाने के लिए आकाओं की प्रक्रिमा की। पार्टी ने राव इंद्रजीत सिंह की पसंद पर पूनम यादव को अपना उम्मीदवार बनाया। धारूहेड़ा में निर्दलीय चुनाव जीते कंवर को शपथ लेने से पहले राव इंद्रजीत सिंह की शरण लेने के लिए विवश होना पड़ा था। हालांकि चुनाव में मिली जीत के बाद कंवर सिंह ने चंडीगढ़ पहुंचकर तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल सहित कई नेताओं से मुलाकात की थी। बावजूद इसके कई माह तक उनकी शपथ नहीं हो पाई थी। हर चुनाव में नया दाव
राव इंद्रजीत सिंह ने 2019 में रेवाड़ी से सुनील मुसेपुर और कोसली से लक्ष्मण सिंह यादव के रूप में नए चेहरों को विधानसभा का टिकट दिलवाया। सुनील मुसेपुर को हार और लक्ष्मण सिंह को जीत मिली। 2024 में लक्ष्मण सिंह को कोसली से रेवाड़ी शिफ्ट किया और कोसली से अनिल यादव और बावल से डा. कृष्ण कुमार को टिकट दिलवाई और दोनों चुनाव जीत गए। बावल से मनोहर लाल सरकार वन और टू में मंत्री रहे डॉ. बनवारी को राव इंद्रजीत सिंह की नाराजगी के चलते टिकट से हाथ धोना पड़ा। ऐसे में राव इंद्रजीत सिंह समर्थक उत्साहित तो हैं, परंतु पार्टी की रणनीति से बेचैनी भी है।
स्टेट कोऑर्डिनेटर का दावा
परिवार पहचान प्राधिकरण के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने दावा है कि नप चुनाव में कमल का फूल ही जीतेगा। चेयरमैन उम्मीदवार के लिए पार्टी अंदरूनी सर्वे करवा रही है। जिससे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने वाले उम्मीदवार को टिकट दिया जा सके। पार्टी का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि ऐसे प्रतिनिधि चुनना है जो जनसेवा को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी छवि एक जननेता के रूप में स्थापित की है। रेवाड़ी नगर परिषद का कार्यकाल इसी माह पूरा हो जाएगा। चेयरमैन पद के लिए ड्रा 22 जनवरी को होगा। जिससे यह पता चलेगा कि चेयरमैन का पद आरक्षित होगा या सामान्य रहेगा। उससे पहले ही भाजपा ने जमीनी स्तर पर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। चेयरमैन पद के लिए उम्मीदवार का नाम फाइनल करने से पहले पार्टी ने बिहार की सर्वे टीम को मैदान में उतार दिया है। टीम गुपचुप तरीके से लोगों के बीच जाकर चेयरमैन पद के लिए संभावित चेहरों का फीडबैक लेकर पार्टी को सौंपेगी। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और प्रदेश सरकार के मंत्री राव नरबीर सिंह समर्थकों में से किसी को टिकट मिलेगी या कोई तीसरा बाजी मारेगा। अभी यह सभी के लिए जिज्ञासा बनी हुई है। वार्डों का पहले ही हो चुका आरक्षण
रेवाड़ी नगर परिषद 32 वार्ड हैं। इस साल फरवरी में होने वाले चुनाव के लिए वार्डों की संख्या 31 से बढ़ाकर 32 की गई है। वार्ड संख्या 3, 24, 27, 28, 30 और 32 एससी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। जिनमें से एससी महिला के लिए 27 और 30 वार्ड आरक्षित किए गए हैं।
इसी प्रकार से बीसीए के लिए वार्ड संख्या 9,13,16 और बीसीबी के लिए 11, 20, 25 और 26 आरक्षित किए गए हैं। बीसीए की महिला के लिए वार्ड 13 और बीसीबी की महिला के लिए 11 और 20 आरक्षित किए गए हैं।
अब तक राव इंद्रजीत का दबदबा
रेवाड़ी, महेद्रगढ़ और गुरुग्राम में पार्टी राव इंद्रजीत सिंह की पसंद को प्राथमिकता देती रही है। राव नरवीर सिंह को मनोहर लाल सरकार पार्ट वन में पॉवरफुल मंत्री माना जाता था। 2019 में कई नेता राव नरबीर का साथ पाकर टिकट पाना चाहते थे और राव नरबीर ह बादशाहपुर से खुद की टिकट भी नहीं बचा पाए थे। हालांकि 2024 में राव इंद्रजीत सिंह राव नरबीर सिंह को टिकट पाने और नायब मंत्रीमंडल का चेहरा बनने से रोकने में सफल नहीं हो पाए।
पूनम यादव राव इंद्रजीत सिंह की पंसद
2020 के नगर परिषद चुनाव में कई दिग्गज टिकट पाने के लिए आकाओं की प्रक्रिमा की। पार्टी ने राव इंद्रजीत सिंह की पसंद पर पूनम यादव को अपना उम्मीदवार बनाया। धारूहेड़ा में निर्दलीय चुनाव जीते कंवर को शपथ लेने से पहले राव इंद्रजीत सिंह की शरण लेने के लिए विवश होना पड़ा था। हालांकि चुनाव में मिली जीत के बाद कंवर सिंह ने चंडीगढ़ पहुंचकर तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल सहित कई नेताओं से मुलाकात की थी। बावजूद इसके कई माह तक उनकी शपथ नहीं हो पाई थी। हर चुनाव में नया दाव
राव इंद्रजीत सिंह ने 2019 में रेवाड़ी से सुनील मुसेपुर और कोसली से लक्ष्मण सिंह यादव के रूप में नए चेहरों को विधानसभा का टिकट दिलवाया। सुनील मुसेपुर को हार और लक्ष्मण सिंह को जीत मिली। 2024 में लक्ष्मण सिंह को कोसली से रेवाड़ी शिफ्ट किया और कोसली से अनिल यादव और बावल से डा. कृष्ण कुमार को टिकट दिलवाई और दोनों चुनाव जीत गए। बावल से मनोहर लाल सरकार वन और टू में मंत्री रहे डॉ. बनवारी को राव इंद्रजीत सिंह की नाराजगी के चलते टिकट से हाथ धोना पड़ा। ऐसे में राव इंद्रजीत सिंह समर्थक उत्साहित तो हैं, परंतु पार्टी की रणनीति से बेचैनी भी है।
स्टेट कोऑर्डिनेटर का दावा
परिवार पहचान प्राधिकरण के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने दावा है कि नप चुनाव में कमल का फूल ही जीतेगा। चेयरमैन उम्मीदवार के लिए पार्टी अंदरूनी सर्वे करवा रही है। जिससे जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने वाले उम्मीदवार को टिकट दिया जा सके। पार्टी का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि ऐसे प्रतिनिधि चुनना है जो जनसेवा को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी छवि एक जननेता के रूप में स्थापित की है।


