खगड़िया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परबत्ता में मंगलवार को पल्स पोलियो उन्मूलन अभियान की शुरुआत की गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) संतोष कुमार पंडित और प्रखंड चिकित्सा प्रभारी डॉ. कशिश ने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान 16 दिसंबर से 20 दिसंबर तक चलेगा। इसका लक्ष्य शून्य से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाना है। इस अवसर पर बीडीओ संतोष कुमार पंडित ने कहा कि पल्स पोलियो अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलवाएं, ताकि कोई भी बच्चा इससे वंचित न रहे। प्रखंड चिकित्सा प्रभारी डॉ. कशिश ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग इस अभियान को लेकर पूरी तरह सजग है। सीएचसी से लेकर पंचायत स्तर तक टीकाकरण टीमों का गठन किया गया है, जो घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी कारण से कोई बच्चा छूट जाता है, तो उसके लिए विशेष फॉलोअप टीम भी सक्रिय रहेगी। डॉ. कशिश ने पोलियो जैसी बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए निरंतरता और जनभागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताया। खगड़िया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परबत्ता में मंगलवार को पल्स पोलियो उन्मूलन अभियान की शुरुआत की गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) संतोष कुमार पंडित और प्रखंड चिकित्सा प्रभारी डॉ. कशिश ने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान 16 दिसंबर से 20 दिसंबर तक चलेगा। इसका लक्ष्य शून्य से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाना है। इस अवसर पर बीडीओ संतोष कुमार पंडित ने कहा कि पल्स पोलियो अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलवाएं, ताकि कोई भी बच्चा इससे वंचित न रहे। प्रखंड चिकित्सा प्रभारी डॉ. कशिश ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग इस अभियान को लेकर पूरी तरह सजग है। सीएचसी से लेकर पंचायत स्तर तक टीकाकरण टीमों का गठन किया गया है, जो घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी कारण से कोई बच्चा छूट जाता है, तो उसके लिए विशेष फॉलोअप टीम भी सक्रिय रहेगी। डॉ. कशिश ने पोलियो जैसी बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए निरंतरता और जनभागीदारी को अत्यंत आवश्यक बताया।


