बीबीएमबी का एक्शन:केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू को 17.62 लाख का रिकवरी नोटिस, इनमें चल रहा कांग्रेस कार्यालय

बीबीएमबी का एक्शन:केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू को 17.62 लाख का रिकवरी नोटिस, इनमें चल रहा कांग्रेस कार्यालय

भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) ने केंद्रीय राज्य रेल रवनीत बिट्टू को 17.62 लाख रुपए का रिकवरी नोटिस जारी किया है। आरोप है कि नंगल टाउनशिप कॉलोनी में बीबीएमबी के दो मकान 45-I और 48-I अब भी बिट्टू के नाम पर दर्ज हैं और इन्हें बिना वैध अनुमति के कब्जे में रखा गया है। बिट्टू को ये मकान उनके कांग्रेस सांसद (आनंदपुर साहिब, 2009-14) कार्यकाल में अलॉट हुए थे। खास बात यह है कि इनमें से एक मकान (48-I) आज भी कांग्रेस कार्यालय के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। बार-बार नोटिस, पर कोई जवाब नहीं बीबीएमबी सूत्रों के अनुसार, बिट्टू को इन मकानों को खाली करने के लिए कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अवैध कब्जे के चलते बोर्ड ने इन पर पेनल रेंट लगाना शुरू कर दिया था। किराया न चुकाए जाने पर अब 17.62 लाख रुपए की रिकवरी नोटिस भेजी गई है। सूत्रों का कहना है कि मंत्री द्वारा अभी तक इस नोटिस का भी कोई जवाब नहीं दिया गया। फोन कॉल और वॉट्सऐप मैसेज पर भी उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। बिट्टू बीजेपी में, पर कांग्रेस ऑफिस अब भी उनके नाम पर सितंबर में मामला तब तूल पकड़ गया, जब खुलासा हुआ कि नंगल का कांग्रेस कार्यालय अब भी बिट्टू के नाम पर रजिस्टर्ड है। जबकि वे कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जा चुके हैं और अब केंद्र सरकार में मंत्री भी हैं। कांग्रेस के क्षेत्रीय नेताओं ने इस मुद्दे पर असहजता जताई, जबकि विरोधियों ने इसे बड़ा राजनीतिक हथियार बना लिया है। ‘मीटर मेरे नाम पर है, बिल भी समय पर भरते हैं’- राणा पूर्व पंजाब विधानसभा स्पीकर केपी राणा, जिनकी टीम इस ऑफिस को मैनेज करती है, ने कहा कि“अलॉटमेंट भले बिट्टू के नाम पर हो, पर बिजली मीटर मेरे नाम पर है और बिल नियमित भरे जाते हैं।” कांग्रेस का यह दफ्तर वर्षों से क्षेत्रीय गतिविधियों का केंद्र रहा है। रणनीति बैठकें, जनसंपर्क कार्यक्रम और संगठनात्मक कामकाज यहीं से होते रहे हैं। चुनावी मौसम में बढ़ी सिरदर्दी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के करीब आते ही यह मुद्दा राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा रहा है। बीबीएमबी द्वारा भेजे गए रिकवरी नोटिस से मामला और गर्मा गया है, जिससे कांग्रेस के लिए नई मुश्किलें पैदा हो रही हैं।

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