बारां के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजीव सक्सेना को एपीओ (अवेटिंग पोस्टिंग ऑर्डर) कर दिया गया है। उन्हें जयपुर स्थित निदेशक जन स्वास्थ्य कार्यालय में तत्काल प्रभाव से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच के चलते की गई है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त शासन सचिव निशा मीना ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। जनप्रतिनिधियों ने लगाए थे गंभीर आरोप
डॉ. सक्सेना के खिलाफ जनप्रतिनिधियों ने कई गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों में फार्मासिस्ट और संविदा भर्तियों में कथित अनियमितताएं शामिल थीं। इसके अलावा उन पर पैसे लेकर कर्मचारियों के प्रतिनियुक्ति (डेप्युटेशन) और स्थानांतरण (ट्रांसफर) करने का भी आरोप था। हाल ही में SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष) के तहत हुए कार्यों में भी बड़ी अनियमितताएं सामने आई थीं। भाजपा नेता प्रशांत विजयवर्गीय ने एक प्रेस वार्ता में SDRF फंड के कार्यों में हुई अनियमितता का मुद्दा उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि SDRF फंड के तहत जिले के विभिन्न ब्लॉकों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) के भवनों की मरम्मत का कार्य होना था। आरोप है कि अधिकांश स्थानों पर मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई, उनके बिल सत्यापित कर दिए गए और भुगतान के लिए भेज दिए गए। कुछ ब्लॉकों में निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ, जिससे पूरी प्रक्रिया पर संदेह गहरा गया। इस मामले की जांच के लिए हाल ही में प्रदेश स्तर से एक टीम बारां मुख्यालय पहुंची थी, जिसने कई महत्वपूर्ण तथ्य जुटाए हैं। डॉ. संजीव सक्सेना के खिलाफ चल रही यह जांच अभी भी जारी है। जिला परिषद की बैठक में भी उठा था मुद्दा
वहीं, इसके बाद पिछले दिनों हुई जिला परिषद की बैठक में भी जमकर मुद्दा उठा था। बैठक में छबड़ा प्रधान ने सीएमएचओ पर फर्जी लेटरहेड इस्तेमाल करने ओर पैसे लेकर डेप्युटेशन करने के आरोप लगाए थे। इस दौरान बैठक में सीएमएचओ ओर प्रधान के बीच तीखी नोक झोंक भी हुई थी। विधायकों ने की थी CMHO के खिलाफ शिकायतें
सीएमएचओ के खिलाफ विधायकों ने भी शिकायतें की थीं। बारां में संस्था की ओर से डायलिसिस यूनिट के प्रस्तावों से इंकार करने का मामला किशनगंज से भाजपा विधायक डॉ. ललित मीना ने विधानसभा में उठाया था। इसी तरह छबड़ा से भाजपा विधायक प्रतापसिंह सिंघवी ने भी सीएमएचओ के खिलाफ अनियमितताओं की शिकायतें की थीं। इसके अलावा अंता से कांग्रेस विधायक प्रमोद जैन भाया ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर सीएमएचओ पर भर्ती, एसडीआरएफ में मरम्मत और डेपुटेशन में गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी।


