राजकीय महाविद्यालय इसराना में मंगलवार को भोपाल त्रासदी की याद में राष्ट्रीय प्रदूषण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स और अन्य छात्र-छात्राओं ने जागरूकता अभियान चलाया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया। यह कार्यक्रम हर साल औद्योगिक आपदाओं को रोकने और जनमानस को प्रदूषण के खतरों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. हरिओम ने कहा कि 2 दिसंबर का दिन 1984 की भोपाल त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों की याद में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ जागरूक करना है। मानव जाति के लिए प्रदूषण सबसे बड़ा खतरा : हरिओम उन्होंने बताया कि प्रदूषण आज मानव जाति और प्रकृति के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है। डॉ. हरिओम ने भोपाल त्रासदी से सबक लेने और औद्योगिक सुरक्षा नियमों तथा प्रदूषण नियंत्रण निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण को रोकने में आम लोगों की अहम भूमिका है। इस अवसर पर एनसीसी के छात्रों सहित अन्य विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में पर्यावरण-अनुकूल प्रथाएं अपनाने की शपथ दिलाई गई। इस कार्यक्रम में डॉ. बलिंदर गुड़िया, कुलबीर सिंह, डॉ. पिंकी, दलवीर, मुकेश और पूजा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


