समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शनिवार शाम अचानक अपने गृह जनपद इटावा पहुंचे। शहर में आयोजित कई शादी समारोहों में शिरकत करने के बाद जब वह मीडिया से रू-ब-रू हुए, तो सरकार पर जमकर बरसे। पूर्व सपा विधायक की नातिन की शादी से निकलते ही अखिलेश ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर एक के बाद एक हमला बोला। अखिलेश यादव ने सबसे पहले चुनाव आयोग और एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल दागे। बोले— “चुनाव आयोग को देखना चाहिए था कि मतदान बढ़े, लेकिन एसआईआर की व्यवस्था तो लोगों के वोट काटने के लिए लाई गई है। अगर लागू ही करना था तो आधार कार्ड के जरिए करते। आधार तो सरकार ने ही बनवाया था। आज जनता को परेशान किया जा रहा है, यह लोकतंत्र के खिलाफ है।” संविधान न होता तो पता नहीं ये लोग क्या कर बैठते संविधान दिवस के मौके पर अखिलेश ने कहा— “आज पूरा देश बाबा साहब को याद कर रहा है। अगर संविधान न होता तो पता नहीं ये लोग क्या कर बैठते।” उन्होंने मध्य प्रदेश में पीडीए से जुड़े लोगों के साथ हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान ही बहनों-बेटियों को न्याय दिलाता है, इसलिए लोकतांत्रिक व्यवस्था पर लगातार खतरे पैदा किए जा रहे हैं। सरकारी कार्यक्रमों में विपक्ष का बहिष्कार क्योंकि सच सामने आने का डर नेता प्रतिपक्ष को सरकारी कार्यक्रमों में न बुलाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा— “सरकार डरती है कि विपक्ष का नेता आ गया तो देश की सच्चाई सामने आ जाएगी— बेरोज़गारी, रुपये की गिरती कीमत, थानों की बेकाबू हालत… सरकार सब छिपाना चाहती है। रूस वाले जान जाएंगे तो रिश्तों पर असर पड़ेगा, इसलिए सब पर्दे में रखा जा रहा है।” इंडिगो विवाद पर हमला— इलेक्टोरल बॉन्ड वालों का दबाव, यात्री भुगत रहे कीमत
इंडिगो एयरलाइन में यात्राएं रोकने की घटनाओं पर अखिलेश ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा—
“जिनसे सरकार ने इलेक्टोरल बॉन्ड लिए थे, वही अब दबाव बना रहे हैं। कारोबारियों की मनमानी सरकार पर हावी है, और इसका खामियाजा आम लोग भुगत रहे हैं।” कोडीन कफ सिरप मामला— “कितनी मौतें हुईं, बुलडोज़र कहां है?” कोडीन कफ सिरप से हुई मौतों पर अखिलेश बेहद आक्रामक दिखे। बोले— “अगर खांसी हो तो बनारस का कफ सिरप न पिएं। न जाने कितनों की जान ले चुका है। औरैया में भी एक बच्चे की मौत हुई है। छोटी घटना में बुलडोज़र चल पड़ता है, लेकिन यहां क्यों नहीं? क्या ड्राइवर भाग गया या चाबी खो गई?”
उन्होंने आरोप लगाया कि यह घोटाला अब “दो हजार करोड़ से भी बड़ा” होता दिख रहा है। अखिलेश ने दावा किया कि प्रदेश के हर जिले में टॉप-10 या टॉप-5 अपराधियों का रिश्ता भाजपा से निकल रहा है। एसटीएफ पर भी सवाल उठाए और कहा कि गिरफ्तार होने वाले और गिरफ्तार करने वाले— दोनों एक ही इलाके के लोग हैं। उन्होंने कहा— “इस अवैध कारोबार की कमाई से बड़ी संख्या में लग्जरी गाड़ियां खरीदी गईं। लखनऊ, बनारस और जौनपुर के शोरूम तक गाड़ियों की सूची देने से मना कर चुके हैं। फॉर्च्यूनर से लेकर बुलेटप्रूफ कारें तक खरीदी गईं।” “2027 में जनता बदलाव चाहती है, गठबंधन जारी रहेगा” उन्होंने दावा किया कि 2027 में जनता ने सरकार बदलने का मन बना लिया है और सपा गठबंधन पहले की तरह जारी रहेगा।
बातचीत के अंत में अखिलेश ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि पहले कहा जाता था— जिसका दाना, उसका गाना… आज कारोबारी सरकार को दिखा रहे हैं कि ताकत किसके पास है। इलेक्टोरल बॉन्ड में जो बोया था, वही अब राजनीतिक दबाव बनकर खड़ा हो गया है।”


