औरंगाबाद में SHO पर थप्पड़ मारने का आरोप:महिला बोली- थाने में गलत व्यवहार हुआ, कार्रवाई नहीं हो रही

औरंगाबाद में SHO पर थप्पड़ मारने का आरोप:महिला बोली- थाने में गलत व्यवहार हुआ, कार्रवाई नहीं हो रही

औरंगाबाद में थाना परिसर में एक महिला ने मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि एसएचओ ने उसे गाली देते हुए थप्पड़ मारा और बाद में महिला पुलिसकर्मियों के जरिए उसके मोबाइल फोन से वीडियो डिलीट करा दिया। घटना को लेकर पीड़िता ने उच्च अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता ने बताया कि साल 2013 में उसकी शादी नेउरा सूरजमल गांव निवासी राहुल यादव के साथ हुई थी। शादी के शुरुआती कुछ दिनों तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन इसके बाद पति और ससुराल वालों के साथ उसका विवाद शुरू हो गया। पिछले दो साल से विवाद काफी बढ़ गया है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है। पति और ससुराल वालों ने उसे रखने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उसने कोर्ट में भरण-पोषण (मेंटेनेंस) का मुकदमा दायर किया। फरार चल रहा है आरोपी पति महिला का आरोप है कि उसका पति फिलहाल फरार चल रहा है और कोर्ट के निर्देश पर कुर्की-जब्ती का आदेश जारी हुआ है। हालांकि, पुलिस ने कुर्की-जब्ती के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई। पीड़िता का कहना है कि पुलिस उसके पति की संपत्ति जब्त करने के बजाय उसका ही गोदरेज और बक्सा उठाकर ले गई, जिससे उसे और मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।इसी मामले में जानकारी लेने के लिए शुक्रवार को वह थाना पहुंची थी। पीड़िता का आरोप है कि बातचीत के दौरान वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी, जो थाना का एसएचओ था, अचानक गाली-गलौज करने लगा और विरोध करने पर उसे थप्पड़ मार दिया। थप्पड़ मारने के बाद वह पुलिस जीप में बैठकर वहां से चला गया और महिला पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि पीड़िता का मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कर दिया जाए। महिला ने बताया कि उस पर थाना स्तर से लगातार दबाव बनाया जाता है। उसने कहा कि एसपी ने पहले उसे कहा था कि अगर थाना की ओर से दबाव डाला जाए तो उसका वीडियो बनाकर लाए। इसी कारण वह पहले से मोबाइल को रिकॉर्डिंग मोड में रखकर थाना पहुंची थी। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके पति का एक रिश्तेदार थाना में तैनात है, जिसके कारण पुलिस उसके पति के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं कर रही और लगातार उसका बचाव किया जा रहा है। पीड़िता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। थानाध्यक्ष संजीत राम से बातचीत की गई तो उन्होंने आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे सुबह 10:00 बजे से ही क्राइम मीटिंग में है। लगाया गया आरोप बुनियाद है। औरंगाबाद में थाना परिसर में एक महिला ने मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि एसएचओ ने उसे गाली देते हुए थप्पड़ मारा और बाद में महिला पुलिसकर्मियों के जरिए उसके मोबाइल फोन से वीडियो डिलीट करा दिया। घटना को लेकर पीड़िता ने उच्च अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता ने बताया कि साल 2013 में उसकी शादी नेउरा सूरजमल गांव निवासी राहुल यादव के साथ हुई थी। शादी के शुरुआती कुछ दिनों तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन इसके बाद पति और ससुराल वालों के साथ उसका विवाद शुरू हो गया। पिछले दो साल से विवाद काफी बढ़ गया है और मामला कोर्ट में विचाराधीन है। पति और ससुराल वालों ने उसे रखने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उसने कोर्ट में भरण-पोषण (मेंटेनेंस) का मुकदमा दायर किया। फरार चल रहा है आरोपी पति महिला का आरोप है कि उसका पति फिलहाल फरार चल रहा है और कोर्ट के निर्देश पर कुर्की-जब्ती का आदेश जारी हुआ है। हालांकि, पुलिस ने कुर्की-जब्ती के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई। पीड़िता का कहना है कि पुलिस उसके पति की संपत्ति जब्त करने के बजाय उसका ही गोदरेज और बक्सा उठाकर ले गई, जिससे उसे और मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।इसी मामले में जानकारी लेने के लिए शुक्रवार को वह थाना पहुंची थी। पीड़िता का आरोप है कि बातचीत के दौरान वहां मौजूद एक पुलिसकर्मी, जो थाना का एसएचओ था, अचानक गाली-गलौज करने लगा और विरोध करने पर उसे थप्पड़ मार दिया। थप्पड़ मारने के बाद वह पुलिस जीप में बैठकर वहां से चला गया और महिला पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया कि पीड़िता का मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कर दिया जाए। महिला ने बताया कि उस पर थाना स्तर से लगातार दबाव बनाया जाता है। उसने कहा कि एसपी ने पहले उसे कहा था कि अगर थाना की ओर से दबाव डाला जाए तो उसका वीडियो बनाकर लाए। इसी कारण वह पहले से मोबाइल को रिकॉर्डिंग मोड में रखकर थाना पहुंची थी। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके पति का एक रिश्तेदार थाना में तैनात है, जिसके कारण पुलिस उसके पति के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं कर रही और लगातार उसका बचाव किया जा रहा है। पीड़िता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। थानाध्यक्ष संजीत राम से बातचीत की गई तो उन्होंने आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे सुबह 10:00 बजे से ही क्राइम मीटिंग में है। लगाया गया आरोप बुनियाद है।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *