प्रयागराज में सहायक रजिस्ट्रार फर्म्स सोसाइटीज एंड चिट्स कार्यालय में रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार लेखाकार रागविराग और कंप्यूटर ऑपरेटर विजयराज सिंह शुक्रवार को जेल भेज दिए गए। उन्हें एंटी करप्शन कोर्ट वाराणसी के समक्ष पेश किया गया जहां रिमांड मंजूर होने पर उन्हें वाराणसी जेल में दाखिल कराया गया। उधर नया खुलासा यह है कि यह डील कुल 1.5 लाख की थी। दो कॉलेजों की मैनेजमेंट कमेटियों के रिन्युअल के एवज में रकम मांगी जा रही थी। जानबूझकर अटका रखी थी फाइल
दरअसल सूत्रों के मुताबिक, फतेहपुर के ज्ञान भारती मूला देवी एम.एस. जूनियर हाईस्कूल बिंदकी और श्री भैरवनाथ जूनियर हाईस्कूल नरैनी के प्रबंध कमेटियों के रिनीवल के लिए प्रयागराज स्थित सहायक रजिस्ट्रार कार्यालय में दस्तावेज जमा किए गए थे।
आरोप है कि कार्यालय के लेखाकार रागविराग ने फाइल पास करने के लिए दोनों स्कूलों से 75-75 हजार रुपए की मांग की थी। जब प्रबंधकों ने इनकार किया, तो उन्होंने “फाइल निरस्त कराने” की धमकी दी। दिनदहाड़े रंगेहाथ गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि ज्ञान भारती स्कूल के प्रबंधक रतिपाल सिंह ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन प्रयागराज इकाई में शिकायत दर्ज कराई।जांच में शिकायत सही पाए जाने पर प्रभारी निरीक्षक अलाउद्दीन अंसारी के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाया। गुरुवार 6 नवंबर को दोपहर 1:19 बजे, शिकायतकर्ता ने कार्यालय में ₹75,000 की नकदी दी, जो रागविराग के कहने पर कंप्यूटर ऑपरेटर विजयराज सिंह ने ली।उसी वक्त टीम ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया।


