मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए वन विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। जंगली हाथी E-5 को सुरक्षित रेस्क्यू कर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की खितौली रेंज में छोड़ दिया गया है। उसकी लगातार निगरानी के लिए सैटेलाइट कॉलर भी पहनाया गया है, जिससे उसकी वास्तविक समय की लोकेशन मिल सकेगी। हाथी को शनिवार रात जंगल में छोड़ा गया। जानकारी के अनुसार, यह नर जंगली हाथी लंबे समय से दक्षिण शहडोल वन मंडल के केशवाही परिक्षेत्र में घनी आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास विचरण कर रहा था। इलाके में पर्याप्त वन क्षेत्र न होने के कारण हाथी बार-बार रिहायशी इलाकों के करीब पहुंच रहा था, जिससे मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं सामने आ रही थीं। वन विभाग की ओर से हाथी की लगातार ट्रैकिंग की जा रही थी। करीब 4 दिन की मशक्कत के बाद रेस्क्यू स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के रेस्क्यू दल और दक्षिण शहडोल वन मंडल के अमले ने संयुक्त कार्रवाई शुरू की। करीब चार दिन की कड़ी मशक्कत के बाद हाथी को केशवाही रेंज की रामपुर बीट से सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया। इसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से बांधवगढ़ की खितौली रेंज में मुक्त किया गया। वन अधिकारियों ने बताया कि हाथी को जंगल में छोड़ने से पहले विशेषज्ञों की टीम ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया। पूरी तरह स्वस्थ पाए जाने और रिवाइव होने के बाद ही उसे प्राकृतिक आवास में छोड़ा गया। इस हाथी रिलीज ऑपरेशन का मार्गदर्शन क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने किया। रेस्क्यू और जंगल में छोड़ने के ऑपरेशन में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप संचालक, वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी, संजय टाइगर रिजर्व के अधिकारी, एसडब्ल्यूएफएच जबलपुर के सहायक प्राध्यापक, एसडीओ ताला, पनपथा, मानपुर सहित 60 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।


