जौनपुर के अमर शहीद उमानाथ सिंह जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञ डॉक्टरों और आवश्यक जांचों की कमी के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट, अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ, नाक-कान-गला रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ, चेस्ट रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, किडनी और लीवर रोग विशेषज्ञ जैसे महत्वपूर्ण विशेषज्ञ डॉक्टरों के पद रिक्त हैं। इस कारण मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। पैथोलॉजी विभाग में भी जांचों के लिए पर्याप्त किट उपलब्ध नहीं हैं। लगभग एक महीने से ‘रीजन टेस्ट किट’ अस्पताल में मौजूद नहीं है, जिससे कई महत्वपूर्ण जांचें बाधित हो रही हैं। इसके अलावा, महंगी दवाएं और कुछ विशेष चिकित्सा सुविधाएं भी जिला अस्पताल में उपलब्ध नहीं हैं। इन कमियों के कारण गरीब मरीजों को मल्टी-स्पेशलिस्ट निजी अस्पतालों में जाने के लिए विवश होना पड़ रहा है। आरोप है कि निजी अस्पताल मरीजों से मनमाना शुल्क वसूलते हैं। जनपद के जनप्रतिनिधि नियमित रूप से जिला चिकित्सालय का दौरा करते हैं, लेकिन इन गंभीर कमियों पर ध्यान नहीं दिया जाता। सरकार द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं पर करोड़ों रुपये खर्च करने के दावों के बावजूद, जौनपुर के इस अस्पताल में अपेक्षित सुधार दिखाई नहीं देता। अस्पताल से मरीजों को निजी मल्टी-स्पेशलिस्ट अस्पतालों में रेफर कर कमीशन लेने के आरोप भी लगते रहे हैं। पूर्व में बदलापुर के विधायक रमेश चंद्र मिश्रा ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक ग्रामीण अस्पताल को सील भी कराया था। हालांकि, यह प्रथा अभी भी जारी बताई जा रही है।


