अररिया जिला प्रशासन ने एलपीजी गैस की सुचारू, पारदर्शी और प्रभावी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। जिले में वर्तमान में कुल 12,835 गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक पंचायत में पंचायत सरकार भवन और अन्य पंचायत भवनों में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। वहीं, शहरी क्षेत्रों में नगर पंचायत एवं नगर परिषद के अंतर्गत तीन-तीन वार्डों का क्लस्टर बनाकर नियंत्रण कक्ष संचालित किए जा रहे हैं। इन नियंत्रण कक्षों के माध्यम से उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की उपलब्धता, बुकिंग और डिलीवरी में आसानी हो सकेगी। एक जिला नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया प्रशासन द्वारा सख्ती बरतते हुए शुक्रवार को जिले की 16 गैस एजेंसियों पर छापेमारी की गई। इस छापेमारी का उद्देश्य कालाबाजारी, ओवरचार्जिंग और अनियमितताओं की जांच करना था। उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए एक जिला नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष नंबर 06453-222309 है। 17 मार्च से 08 मई 2024 तक इस नियंत्रण कक्ष में कुल 519 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 502 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। शेष 17 लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए संबंधित एजेंसियों के एरिया मैनेजर को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति भी सुनिश्चित कर दी गई जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन पूर्ण रूप से सतर्क है और गैस आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। इसके अलावा, वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति भी सुनिश्चित कर दी गई है, ताकि विवाह जैसे आयोजनों में किसी को परेशानी न हो। जिला प्रशासन का प्रयास है कि जिले में कोई भी नागरिक एलपीजी की कमी महसूस न करे। स्थानीय स्तर पर इन व्यवस्थाओं को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। अररिया जिला प्रशासन ने एलपीजी गैस की सुचारू, पारदर्शी और प्रभावी आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। जिले में वर्तमान में कुल 12,835 गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। जिला प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक पंचायत में पंचायत सरकार भवन और अन्य पंचायत भवनों में नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। वहीं, शहरी क्षेत्रों में नगर पंचायत एवं नगर परिषद के अंतर्गत तीन-तीन वार्डों का क्लस्टर बनाकर नियंत्रण कक्ष संचालित किए जा रहे हैं। इन नियंत्रण कक्षों के माध्यम से उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की उपलब्धता, बुकिंग और डिलीवरी में आसानी हो सकेगी। एक जिला नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया प्रशासन द्वारा सख्ती बरतते हुए शुक्रवार को जिले की 16 गैस एजेंसियों पर छापेमारी की गई। इस छापेमारी का उद्देश्य कालाबाजारी, ओवरचार्जिंग और अनियमितताओं की जांच करना था। उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निष्पादन के लिए एक जिला नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष नंबर 06453-222309 है। 17 मार्च से 08 मई 2024 तक इस नियंत्रण कक्ष में कुल 519 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 502 शिकायतों का समाधान कर दिया गया है। शेष 17 लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए संबंधित एजेंसियों के एरिया मैनेजर को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति भी सुनिश्चित कर दी गई जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन पूर्ण रूप से सतर्क है और गैस आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। इसके अलावा, वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति भी सुनिश्चित कर दी गई है, ताकि विवाह जैसे आयोजनों में किसी को परेशानी न हो। जिला प्रशासन का प्रयास है कि जिले में कोई भी नागरिक एलपीजी की कमी महसूस न करे। स्थानीय स्तर पर इन व्यवस्थाओं को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।


