किताबी ज्ञान छोड़ स्टार्टअप की बारीकियां सीखने IIT कानपुर पहुंचे:CSJMU के छात्र बोले- नवाचार से बदलेगा नजरिया

किताबी ज्ञान छोड़ स्टार्टअप की बारीकियां सीखने IIT कानपुर पहुंचे:CSJMU के छात्र बोले- नवाचार से बदलेगा नजरिया

छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) के स्कूल ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट के एमबीए छात्रों ने नवाचार और उद्यमिता की बारीकियों को समझने के लिए आईआईटी कानपुर के इनक्यूबेशन सेंटर का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस विजिट का मुख्य उद्देश्य भविष्य के प्रबंधकों को किताबी ज्ञान से परे स्टार्टअप की दुनिया के वास्तविक अनुभवों से परिचित कराना था। संस्थान के निदेशक प्रो. सुधांशु पांडया, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अंशु यादव और प्लेसमेंट कोऑर्डिनेटर डॉ. सिधांशु राय ने इस औद्योगिक यात्रा का शुभारंभ किया। संस्थान के निदेशक प्रो. सुधांशु पांडया ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है। इस यात्रा का मुख्य लक्ष्य विद्यार्थियों को नवाचार, उद्यमिता और उद्योग-शिक्षा सहयोग के बारे में व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब छात्र अपनी आँखों से तकनीक और व्यापार के संगम को देखते हैं, तो उनके सोचने का नज़रिया बदल जाता है। निदेशक एलुमनाई डॉ. सिधांशु राय ने इस यात्रा को एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि एमबीए के छात्रों के लिए यह अनुभव अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उन्हें न केवल व्यावहारिक ज्ञान मिला, बल्कि वे उद्योग जगत के विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद करने में भी सफल रहे। आईआईटी इनक्यूबेशन सेंटर पहुँचने पर छात्रों में काफी उत्साह देखा गया। यहाँ विद्यार्थियों ने विभिन्न स्टार्टअप्स और उनकी नवाचार परियोजनाओं का बारीकी से अवलोकन किया। छात्रों ने स्टार्टअप्स के संस्थापकों के साथ बातचीत कर यह समझने का प्रयास किया कि एक विचार को सफल व्यावसायिक मॉडल में कैसे बदला जाता है। इनक्यूबेशन सेंटर के पीयूष मिश्रा ने सभी विद्यार्थियों को नवाचार की तकनीकों और केंद्र में उपलब्ध अत्याधुनिक सुविधाओं व संसाधनों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि इन संसाधनों का उपयोग करके नए विचारों को कैसे साकार किया जा सकता है। इस औद्योगिक भ्रमण का नेतृत्व फैकल्टी प्रतिनिधि के रूप में डॉ. राहुल अग्रवाल और डॉ. गौरी सिंह ने किया। उनकी देखरेख में छात्रों ने केंद्र के हर विभाग का दौरा किया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने छात्रों का उत्साहवर्धन किया।

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