बायसी| प्रखंड में 9,000 किसानों का ई-केवाईसी और 2,500 फार्मर आईडी बनाने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार बायसी प्रखंड की श्रीपुर मल्लाहटोली पंचायत के चोचा गांव में किसानों के लिए फार्मर आईडी और ई-केवाईसी शिविर का आयोजन किया गया। वार्ड सदस्य होरेन प्रसाद साह की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में किसान कोऑर्डिनेटर अमीषा और सलाहकार विकास कुमार ने ग्रामीणों को विस्तृत जानकारी दी। किसान सलाहकार विकास कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार अब सभी किसानों के लिए यूनिक फार्मर आईडी अनिवार्य कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य एक पारदर्शी डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है, जिसमें किसान की व्यक्तिगत जानकारी के साथ भूमि का विवरण और फसल की स्थिति दर्ज होगी। इससे बिचौलियों और फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंचेगा।कार्यक्रम के दौरान प्रखंड कृषि पदाधिकारी विनय कुमार ने बताया कि जिन किसानों का फार्मर आईडी पंजीकरण अधूरा रहेगा, उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं की अगली किस्त मिलने में समस्या हो सकती है।किसान स्वयं ऑनलाइन या जन सेवा केंद्र और कृषि कार्यालय के माध्यम से अपना आधार कार्ड,भूमि के कागजात, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर देकर पंजीकरण करा सकते हैं। बायसी| प्रखंड में 9,000 किसानों का ई-केवाईसी और 2,500 फार्मर आईडी बनाने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार बायसी प्रखंड की श्रीपुर मल्लाहटोली पंचायत के चोचा गांव में किसानों के लिए फार्मर आईडी और ई-केवाईसी शिविर का आयोजन किया गया। वार्ड सदस्य होरेन प्रसाद साह की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में किसान कोऑर्डिनेटर अमीषा और सलाहकार विकास कुमार ने ग्रामीणों को विस्तृत जानकारी दी। किसान सलाहकार विकास कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार अब सभी किसानों के लिए यूनिक फार्मर आईडी अनिवार्य कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य एक पारदर्शी डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है, जिसमें किसान की व्यक्तिगत जानकारी के साथ भूमि का विवरण और फसल की स्थिति दर्ज होगी। इससे बिचौलियों और फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र किसानों तक पहुंचेगा।कार्यक्रम के दौरान प्रखंड कृषि पदाधिकारी विनय कुमार ने बताया कि जिन किसानों का फार्मर आईडी पंजीकरण अधूरा रहेगा, उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं की अगली किस्त मिलने में समस्या हो सकती है।किसान स्वयं ऑनलाइन या जन सेवा केंद्र और कृषि कार्यालय के माध्यम से अपना आधार कार्ड,भूमि के कागजात, बैंक पासबुक और मोबाइल नंबर देकर पंजीकरण करा सकते हैं।


