बक्सर में कुख्यात इंद्रजीत कोइरी सहित 3 हिरासत में:करोड़ों के सैंड बोवा सांप की तस्करी का आरोप

बक्सर में कुख्यात इंद्रजीत कोइरी सहित 3 हिरासत में:करोड़ों के सैंड बोवा सांप की तस्करी का आरोप

बक्सर में प्रतिबंधित रेड सैंड बोवा सांप की तस्करी के आरोप में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर थाना क्षेत्र के कोइरपुरवा मोहल्ले से कुख्यात अपराधी इंद्रजीत सिंह उर्फ इंद्रजीत कोइरी सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। इंद्रजीत सिंह हत्या के मामले में सजा काटकर बाहर आया था। यह कार्रवाई सादे लिबास में आई टीम ने की, जिससे इलाके में पहले अपहरण की अफवाह फैल गई थी। कुछ लोगों ने इसे एसटीएफ की कार्रवाई भी समझा। देर रात पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह वन विभाग की टीम द्वारा की गई कार्रवाई है। कुल 3 लोगों को हिरासत में लिया गया आरा-बक्सर वनक्षेत्र के पदाधिकारियों ने बुधवार को पुष्टि की कि कुल 3 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिन पर प्रतिबंधित दोमुंहा सर्प (रेड सैंड बोवा) की तस्करी में शामिल होने का आरोप है। यह अभियान दिल्ली से आई एक विशेष टीम के अनुरोध पर स्थानीय वन अधिकारियों ने चलाया। टीम के सदस्य ग्राहक बनकर पहुंचे थे और संदिग्धों से खरीद-बिक्री का सौदा भी किया था, जिसके बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया। गैर-आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए आरोपियों में इंद्रजीत सिंह कोइरी और कोइरपुरवा निवासी जयराम सिंह शामिल हैं। तीसरे व्यक्ति का नाम अभी सामने नहीं आया है। इस मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जा सकती है। सांप की कीमत 2 से 3 करोड़ रुपए तक हो सकती है रेड सैंड बोवा (दोमुंहा सांप) एक बेहद दुर्लभ और संरक्षित प्रजाति का सर्प है। इसकी कीमत लंबाई और वजन के आधार पर करोड़ों में तय होती है। बक्सर के स्नेक रेस्क्यू विशेषज्ञ हरिओम ने बताया कि यदि सांप 4 फीट का हो तो उसकी कीमत 2 से 3 करोड़ रुपए तक हो सकती है। कथित तौर पर इसका इस्तेमाल तांत्रिक क्रियाओं और यौन स्वास्थ्य से जुड़ी दवाओं में किया जाता है। सांप गंगा के किनारी इलाकों में पाया जाता है जानकारी के अनुसार यह सांप गंगा के किनारी इलाकों में पाया जाता है और तस्कर इसे ऊंचे दामों पर देश-विदेश में बेचने की कोशिश करते हैं। चूंकि यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसलिए इसकी तस्करी करना गंभीर अपराध माना जाता है। वन विभाग की इस कार्रवाई से जिले में हड़कंप मच गया है। अब जांच पूरी होने के बाद आरोपी किस हद तक इस अवैध कारोबार में शामिल थे, यह सामने आएगा। बक्सर में प्रतिबंधित रेड सैंड बोवा सांप की तस्करी के आरोप में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर थाना क्षेत्र के कोइरपुरवा मोहल्ले से कुख्यात अपराधी इंद्रजीत सिंह उर्फ इंद्रजीत कोइरी सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। इंद्रजीत सिंह हत्या के मामले में सजा काटकर बाहर आया था। यह कार्रवाई सादे लिबास में आई टीम ने की, जिससे इलाके में पहले अपहरण की अफवाह फैल गई थी। कुछ लोगों ने इसे एसटीएफ की कार्रवाई भी समझा। देर रात पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह वन विभाग की टीम द्वारा की गई कार्रवाई है। कुल 3 लोगों को हिरासत में लिया गया आरा-बक्सर वनक्षेत्र के पदाधिकारियों ने बुधवार को पुष्टि की कि कुल 3 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिन पर प्रतिबंधित दोमुंहा सर्प (रेड सैंड बोवा) की तस्करी में शामिल होने का आरोप है। यह अभियान दिल्ली से आई एक विशेष टीम के अनुरोध पर स्थानीय वन अधिकारियों ने चलाया। टीम के सदस्य ग्राहक बनकर पहुंचे थे और संदिग्धों से खरीद-बिक्री का सौदा भी किया था, जिसके बाद कार्रवाई को अंजाम दिया गया। गैर-आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, हिरासत में लिए गए आरोपियों में इंद्रजीत सिंह कोइरी और कोइरपुरवा निवासी जयराम सिंह शामिल हैं। तीसरे व्यक्ति का नाम अभी सामने नहीं आया है। इस मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जा सकती है। सांप की कीमत 2 से 3 करोड़ रुपए तक हो सकती है रेड सैंड बोवा (दोमुंहा सांप) एक बेहद दुर्लभ और संरक्षित प्रजाति का सर्प है। इसकी कीमत लंबाई और वजन के आधार पर करोड़ों में तय होती है। बक्सर के स्नेक रेस्क्यू विशेषज्ञ हरिओम ने बताया कि यदि सांप 4 फीट का हो तो उसकी कीमत 2 से 3 करोड़ रुपए तक हो सकती है। कथित तौर पर इसका इस्तेमाल तांत्रिक क्रियाओं और यौन स्वास्थ्य से जुड़ी दवाओं में किया जाता है। सांप गंगा के किनारी इलाकों में पाया जाता है जानकारी के अनुसार यह सांप गंगा के किनारी इलाकों में पाया जाता है और तस्कर इसे ऊंचे दामों पर देश-विदेश में बेचने की कोशिश करते हैं। चूंकि यह प्रजाति वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसलिए इसकी तस्करी करना गंभीर अपराध माना जाता है। वन विभाग की इस कार्रवाई से जिले में हड़कंप मच गया है। अब जांच पूरी होने के बाद आरोपी किस हद तक इस अवैध कारोबार में शामिल थे, यह सामने आएगा।  

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