गौरीशंकर कुमार जिले में कैंसर के संभावित मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। निजी व सरकारी अस्पतालों में मरीजों की स्क्रीनिंग व जांच में कैंसर के मरीज मिल रहे हैं। जिन्हें इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। बताया जाता है कि जिले के रक्सौल, ढाका, सुगौली, पकड़ीदयाल, तुरकौलिया व सदर प्रखंड में ज्यादा कैंसर के मरीज मिल रहे हैं। कैंसर रोगियों की पहचान को लेकर भाभा कैंसर अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर, मुजफ्फरपुर के डॉक्टर की टीम सदर अस्पताल में मरीजों का स्क्रीनिंग कर कैंसर रोग से पीड़ित मरीजों की पहचान कर उचित परामर्श देने के साथ इलाज कर रही है। यहां स्क्रीनिंग के अलावा बॉयोप्सी, पैप स्मीयर व डे केयर के साथ कीमोथेरेपी की भी सुविधा दी जा रही है। संस्था ने जिले के पांच प्रखंड पिपराकोठी, कोटवा, तुरकौलिया व मोतिहारी व बंजरिया को गोद लिया है। जहां लोगों को जागरूक किया जा रहा है। होमी भाभा की टीम ने पिछले 10 माह में 19142 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की है। जिसमें 26 में कैंसर की पुष्टि, 461 सस्पेक्टेड व 72 हाइली सस्पेक्टेड केस डिटेक्ट किया है। सस्पेक्टेड केस में कैंसर की पुष्टि के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। सदर अस्पताल के नजदीक वात्सल्य नर्सिंग होम में ही एक साल के अंदर 160 से अधिक कैंसर के मरीज मिल चुके हैं। वहीं अन्य निजी अस्पतालों में भी 150 से अधिक नए कैंसर के मरीज मिल चुके हैं। सदर अस्पताल में हुई स्क्रीनिंग व मिले मरीज कुल स्क्रीनिंग 19142 सर्वाइकल 1643 ब्रेस्ट 5649 हैबिट 2991 कुल सस्पेक्टेड ओरल 383 ब्रेस्ट 41 सर्वाइकल 34 अन्य 3 हाइली सस्पेक्टेड ओरल 51 ब्रेस्ट 5 सर्वाइकल 3 अन्य 13 कैंसर के मरीज मिले ओरल 15 ब्रेस्ट 5 सर्वाइकल 2 अन्य 4 कुल कीमोथेरेपी 36 कुल बॉयोप्सी 11 सदर अस्पताल में एनसीडी सेल के अंतर्गत होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल व रिसर्च सेंटर के द्वारा कैंसर की स्क्रीनिंग में सबसे ज्यादा ओरल, स्तन, गर्माशय, गॉल ब्लैडर, लिवर, ब्लड कैंसर व प्रोस्टेट कैंसर के मरीज मिल रहे हैं। सदर अस्पताल में होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल की क्लस्टर कोऑर्डिनेटर डॉ. रितिका कश्यप व डॉ. प्रिया ने बताया कि स्क्रीनिंग के लिए सभी तरह के लोग पहुंचते है। मरीज का स्क्रीनिंग के दौरान सस्पेक्टेड रहने की स्थिति में अब यहीं बॉयोप्सी सहित अन्य जांच की जाती है। बताया कि जिले में मुंह के कैंसर के सबसे अधिक मरीज मिल रहे है। उसके बाद स्तन (ब्रेस्ट) कैंसर के मरीज है। बॉयोप्सी व अन्य जांच के दौरान 26 लोगों में कैंसर की पुष्टि हुई है। गौरीशंकर कुमार जिले में कैंसर के संभावित मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। निजी व सरकारी अस्पतालों में मरीजों की स्क्रीनिंग व जांच में कैंसर के मरीज मिल रहे हैं। जिन्हें इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। बताया जाता है कि जिले के रक्सौल, ढाका, सुगौली, पकड़ीदयाल, तुरकौलिया व सदर प्रखंड में ज्यादा कैंसर के मरीज मिल रहे हैं। कैंसर रोगियों की पहचान को लेकर भाभा कैंसर अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर, मुजफ्फरपुर के डॉक्टर की टीम सदर अस्पताल में मरीजों का स्क्रीनिंग कर कैंसर रोग से पीड़ित मरीजों की पहचान कर उचित परामर्श देने के साथ इलाज कर रही है। यहां स्क्रीनिंग के अलावा बॉयोप्सी, पैप स्मीयर व डे केयर के साथ कीमोथेरेपी की भी सुविधा दी जा रही है। संस्था ने जिले के पांच प्रखंड पिपराकोठी, कोटवा, तुरकौलिया व मोतिहारी व बंजरिया को गोद लिया है। जहां लोगों को जागरूक किया जा रहा है। होमी भाभा की टीम ने पिछले 10 माह में 19142 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की है। जिसमें 26 में कैंसर की पुष्टि, 461 सस्पेक्टेड व 72 हाइली सस्पेक्टेड केस डिटेक्ट किया है। सस्पेक्टेड केस में कैंसर की पुष्टि के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। सदर अस्पताल के नजदीक वात्सल्य नर्सिंग होम में ही एक साल के अंदर 160 से अधिक कैंसर के मरीज मिल चुके हैं। वहीं अन्य निजी अस्पतालों में भी 150 से अधिक नए कैंसर के मरीज मिल चुके हैं। सदर अस्पताल में हुई स्क्रीनिंग व मिले मरीज कुल स्क्रीनिंग 19142 सर्वाइकल 1643 ब्रेस्ट 5649 हैबिट 2991 कुल सस्पेक्टेड ओरल 383 ब्रेस्ट 41 सर्वाइकल 34 अन्य 3 हाइली सस्पेक्टेड ओरल 51 ब्रेस्ट 5 सर्वाइकल 3 अन्य 13 कैंसर के मरीज मिले ओरल 15 ब्रेस्ट 5 सर्वाइकल 2 अन्य 4 कुल कीमोथेरेपी 36 कुल बॉयोप्सी 11 सदर अस्पताल में एनसीडी सेल के अंतर्गत होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल व रिसर्च सेंटर के द्वारा कैंसर की स्क्रीनिंग में सबसे ज्यादा ओरल, स्तन, गर्माशय, गॉल ब्लैडर, लिवर, ब्लड कैंसर व प्रोस्टेट कैंसर के मरीज मिल रहे हैं। सदर अस्पताल में होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल की क्लस्टर कोऑर्डिनेटर डॉ. रितिका कश्यप व डॉ. प्रिया ने बताया कि स्क्रीनिंग के लिए सभी तरह के लोग पहुंचते है। मरीज का स्क्रीनिंग के दौरान सस्पेक्टेड रहने की स्थिति में अब यहीं बॉयोप्सी सहित अन्य जांच की जाती है। बताया कि जिले में मुंह के कैंसर के सबसे अधिक मरीज मिल रहे है। उसके बाद स्तन (ब्रेस्ट) कैंसर के मरीज है। बॉयोप्सी व अन्य जांच के दौरान 26 लोगों में कैंसर की पुष्टि हुई है।


