पूर्णिया में बारिश और आंधी-तूफान का कहर:पेड़-बिजली के खंभे सड़क पर गिरे, कच्चे घरों के टीन उड़े; फसलों को भी भारी नुकसान

पूर्णिया में बारिश और आंधी-तूफान का कहर:पेड़-बिजली के खंभे सड़क पर गिरे, कच्चे घरों के टीन उड़े; फसलों को भी भारी नुकसान

पूर्णिया में शनिवार रात तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। आंधी-तूफान में तास की पत्तों की तरह पेड़ और बिजली के खंभे धराशाई हो गए। इससे न सिर्फ वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा, बल्कि बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। मक्का, केला, आम और लीची को काफी नुकसान पहुंचा। फसलों के नुकसान ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है।
दिन भर की उमस भरी गर्मी के बाद रात में अचानक मौसम ने करवट ली। तेज कड़कड़ाहट के साथ धूल भरी तेज आंधी चली और फिर गरज के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। घंटे भर में जगह जगह विशाल पेड़ गिर गए। बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर को भारी नुकसान पहुंचा। कई जगहों पर बिजली के तार टूट गए। सुरक्षा के मद्देनजर बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई, जिससे आधी रात तक कई इलाके अंधेरे में डूबे रहे। बिजली विभाग की टीमें देर रात तक गिरे पेड़ों और पोल को हटाकर आपूर्ति बहाल करने में जुटी रही। NH-27 पर गिरे पेड़ वहीं, तेज आंधी और गरज के साथ आई मूसलाधार बारिश शहर की सड़कों, गलियों और निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे लोगों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं कसबा इलाके में आंधी और बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। पूर्णिया-कसबा सड़क मार्ग और NH-27 पर सैकड़ों पेड़ गिर जाने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। स्थानीय लोग खुद सड़क से पेड़ हटाने में जुटे रहे, जबकि लोगों ने प्रशासन की सुस्ती पर नाराजगी जताई। घरों के छप्पर हवा में उड़ गए बनमनखी प्रखंड में भी तूफान ने भारी तबाही मचाई। तेज हवा में टीन-फूस के घरों के छप्पर उड़ गए। घरों में रखी मक्के की फसल भी बारिश में भींग गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीण इलाकों में कई टीन शेड हवा में उड़कर दूर जा गिरे। कई परिवार रातभर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए। जलजमाव होने से फसल खराब अमौर समेत कई प्रखंडों में विशाल पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे ग्रामीण संपर्क मार्ग बाधित हो गया। कई गांवों में बिजली के खंभों और मुख्य तारों पर पेड़ गिरने से पूरी विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। किसानों ने बताया कि तेज हवा और बारिश से मक्के की फसल खेतों में गिर गई है और कई जगह जलजमाव होने से फसल खराब हो गई है। जानहानि की सूचना नहीं मौसम विभाग ने पहले ही अलर्ट जारी किया था। हालांकि राहत की बात रही कि अब तक किसी बड़े हादसे या जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन आंधी-तूफान और बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पूर्णिया में शनिवार रात तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। आंधी-तूफान में तास की पत्तों की तरह पेड़ और बिजली के खंभे धराशाई हो गए। इससे न सिर्फ वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा, बल्कि बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। मक्का, केला, आम और लीची को काफी नुकसान पहुंचा। फसलों के नुकसान ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है।
दिन भर की उमस भरी गर्मी के बाद रात में अचानक मौसम ने करवट ली। तेज कड़कड़ाहट के साथ धूल भरी तेज आंधी चली और फिर गरज के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। घंटे भर में जगह जगह विशाल पेड़ गिर गए। बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर को भारी नुकसान पहुंचा। कई जगहों पर बिजली के तार टूट गए। सुरक्षा के मद्देनजर बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई, जिससे आधी रात तक कई इलाके अंधेरे में डूबे रहे। बिजली विभाग की टीमें देर रात तक गिरे पेड़ों और पोल को हटाकर आपूर्ति बहाल करने में जुटी रही। NH-27 पर गिरे पेड़ वहीं, तेज आंधी और गरज के साथ आई मूसलाधार बारिश शहर की सड़कों, गलियों और निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे लोगों को आवाजाही में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं कसबा इलाके में आंधी और बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। पूर्णिया-कसबा सड़क मार्ग और NH-27 पर सैकड़ों पेड़ गिर जाने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। स्थानीय लोग खुद सड़क से पेड़ हटाने में जुटे रहे, जबकि लोगों ने प्रशासन की सुस्ती पर नाराजगी जताई। घरों के छप्पर हवा में उड़ गए बनमनखी प्रखंड में भी तूफान ने भारी तबाही मचाई। तेज हवा में टीन-फूस के घरों के छप्पर उड़ गए। घरों में रखी मक्के की फसल भी बारिश में भींग गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। ग्रामीण इलाकों में कई टीन शेड हवा में उड़कर दूर जा गिरे। कई परिवार रातभर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए। जलजमाव होने से फसल खराब अमौर समेत कई प्रखंडों में विशाल पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं, जिससे ग्रामीण संपर्क मार्ग बाधित हो गया। कई गांवों में बिजली के खंभों और मुख्य तारों पर पेड़ गिरने से पूरी विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। किसानों ने बताया कि तेज हवा और बारिश से मक्के की फसल खेतों में गिर गई है और कई जगह जलजमाव होने से फसल खराब हो गई है। जानहानि की सूचना नहीं मौसम विभाग ने पहले ही अलर्ट जारी किया था। हालांकि राहत की बात रही कि अब तक किसी बड़े हादसे या जनहानि की सूचना नहीं मिली है, लेकिन आंधी-तूफान और बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।  

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