मधुबनी में बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के मद्देनजर एक 24 घंटे सक्रिय मीडिया एवं सोशल मीडिया मॉनिटरिंग कक्ष (वार रूम) का उद्घाटन किया गया है। सूचना भवन स्थित इस वार रूम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी आनंद शर्मा ने किया। यह कक्ष तीन शिफ्टों में लगातार काम करेगा। इस मॉनिटरिंग कक्ष में चार टीवी सेट डिश कनेक्शन के साथ लगाए गए हैं, जिन पर राजनीतिक विज्ञापनों, खबरों और पेड न्यूज की निगरानी की जाएगी। सोशल मीडिया की निगरानी के लिए लैपटॉप, इंटरनेट और विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। इसके माध्यम से जिले के फेसबुक पेज, व्हाट्सएप ग्रुप, यूट्यूब चैनल, न्यूज पोर्टल और केबल टीवी आदि पर कड़ी नजर रखी जाएगी। राजनीतिक विज्ञापन चलाने वालों पर होगी कार्रवाई जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बताया कि चुनाव के दौरान इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक विज्ञापन प्रसारित करने से पहले एमसीएमसी (मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी) से प्रमाणीकरण आवश्यक होगा। बिना अनुमति विज्ञापन चलाने या फेक न्यूज, हेट स्पीच और भ्रामक जानकारी प्रसारित करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रचार से जुड़ी कानूनी शर्तें सोशल मीडिया पर भी लागू होती हैं। जाति, धर्म, भाषा या वर्ग के आधार पर नफरत फैलाने वाली पोस्ट या बयान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माने जाएंगे। सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर जिला साइबर सेल के सहयोग से त्वरित कार्रवाई की जाएगी। नामांकन दाखिल करते समय सोशल मीडिया अकांउट भी देना जरुरी उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक प्रत्याशी को नामांकन दाखिल करते समय प्रारूप 26 में अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स और ईमेल आईडी की जानकारी देना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, सभी पोस्टर, पंपलेट और प्रचार सामग्री पर मुद्रक का नाम और प्रकाशित प्रतियों की संख्या अंकित होनी चाहिए, जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127(क) के तहत आवश्यक है। इस अवसर पर अपर समाहर्ता (आपदा) संतोष कुमार, डीपीआरओ परिमल कुमार, मीडिया प्रबंधन कोषांग के अधिकारी-कर्मी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मधुबनी में बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के मद्देनजर एक 24 घंटे सक्रिय मीडिया एवं सोशल मीडिया मॉनिटरिंग कक्ष (वार रूम) का उद्घाटन किया गया है। सूचना भवन स्थित इस वार रूम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी आनंद शर्मा ने किया। यह कक्ष तीन शिफ्टों में लगातार काम करेगा। इस मॉनिटरिंग कक्ष में चार टीवी सेट डिश कनेक्शन के साथ लगाए गए हैं, जिन पर राजनीतिक विज्ञापनों, खबरों और पेड न्यूज की निगरानी की जाएगी। सोशल मीडिया की निगरानी के लिए लैपटॉप, इंटरनेट और विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। इसके माध्यम से जिले के फेसबुक पेज, व्हाट्सएप ग्रुप, यूट्यूब चैनल, न्यूज पोर्टल और केबल टीवी आदि पर कड़ी नजर रखी जाएगी। राजनीतिक विज्ञापन चलाने वालों पर होगी कार्रवाई जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने बताया कि चुनाव के दौरान इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक विज्ञापन प्रसारित करने से पहले एमसीएमसी (मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी) से प्रमाणीकरण आवश्यक होगा। बिना अनुमति विज्ञापन चलाने या फेक न्यूज, हेट स्पीच और भ्रामक जानकारी प्रसारित करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने स्पष्ट किया कि निर्वाचन प्रचार से जुड़ी कानूनी शर्तें सोशल मीडिया पर भी लागू होती हैं। जाति, धर्म, भाषा या वर्ग के आधार पर नफरत फैलाने वाली पोस्ट या बयान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माने जाएंगे। सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर जिला साइबर सेल के सहयोग से त्वरित कार्रवाई की जाएगी। नामांकन दाखिल करते समय सोशल मीडिया अकांउट भी देना जरुरी उन्होंने यह भी बताया कि प्रत्येक प्रत्याशी को नामांकन दाखिल करते समय प्रारूप 26 में अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स और ईमेल आईडी की जानकारी देना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, सभी पोस्टर, पंपलेट और प्रचार सामग्री पर मुद्रक का नाम और प्रकाशित प्रतियों की संख्या अंकित होनी चाहिए, जो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 127(क) के तहत आवश्यक है। इस अवसर पर अपर समाहर्ता (आपदा) संतोष कुमार, डीपीआरओ परिमल कुमार, मीडिया प्रबंधन कोषांग के अधिकारी-कर्मी और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


