भोजपुर में प्रेमिका के लिए प्रेमी ने जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन और ग्रामीणों ने सदर अस्पताल पहुंचाया। पीड़ित की पहचान हरनाथ कुंडी निवासी रामचन्द्र भानु के पुत्र सत्यव्रत(17) के तौर पर हुई है। राजकोट में CNG मशीन चलाने का काम करता है। घटना गजराजगंज ओपी क्षेत्र की है। अस्पताल में एडमिट प्रेमी ने बताया कि गांव की एक लड़की से पिछले डेढ़ साल से अफेयर है। गली में आते-जाते उसे देखता था। मैं उसे पसंद करता था। मोबाइल पर हमलोग बात करते थे। शादी के लिए परिजन तैयार नहीं थे, इसलिए घर से भागने का प्लान बनाया। बुधवार की शाम अपनी प्रेमिका को आरा शहर के हनुमान मंदिर में बुलाया। तब तक काफी रात हो चुकी थी। हमलोग पूरी रात मंदिर में ही बैठे रहे। इसी बीच मेरे मोबाइल को ट्रेस करकर ग्रामीणों के साथ पुलिस मंदिर पहुंच गई। थाना लाने के दौरान बिगड़ी तबीयत वहीं, पिता रामचंद्र ने बताया कि बेटा गांव में एक लड़की से प्रेम करता है। उसे भगाकर बाहर जाने वाले वाला है। लड़की को घर से ही तीन बजे ही अपने पास बुला लिया था। लड़की के परिवार वालों ने इसकी शिकायत स्थानीय थाना से की थी। बेटा कब अपने पॉकेट में जहर रखा था, इसकी जानकारी नहीं थी। वो जहर खाकर बैठा था। थाना ले जाने के दौरान उसकी हालत काफी खराब हो गई। आनन-फानन में हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। भोजपुर में प्रेमिका के लिए प्रेमी ने जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन और ग्रामीणों ने सदर अस्पताल पहुंचाया। पीड़ित की पहचान हरनाथ कुंडी निवासी रामचन्द्र भानु के पुत्र सत्यव्रत(17) के तौर पर हुई है। राजकोट में CNG मशीन चलाने का काम करता है। घटना गजराजगंज ओपी क्षेत्र की है। अस्पताल में एडमिट प्रेमी ने बताया कि गांव की एक लड़की से पिछले डेढ़ साल से अफेयर है। गली में आते-जाते उसे देखता था। मैं उसे पसंद करता था। मोबाइल पर हमलोग बात करते थे। शादी के लिए परिजन तैयार नहीं थे, इसलिए घर से भागने का प्लान बनाया। बुधवार की शाम अपनी प्रेमिका को आरा शहर के हनुमान मंदिर में बुलाया। तब तक काफी रात हो चुकी थी। हमलोग पूरी रात मंदिर में ही बैठे रहे। इसी बीच मेरे मोबाइल को ट्रेस करकर ग्रामीणों के साथ पुलिस मंदिर पहुंच गई। थाना लाने के दौरान बिगड़ी तबीयत वहीं, पिता रामचंद्र ने बताया कि बेटा गांव में एक लड़की से प्रेम करता है। उसे भगाकर बाहर जाने वाले वाला है। लड़की को घर से ही तीन बजे ही अपने पास बुला लिया था। लड़की के परिवार वालों ने इसकी शिकायत स्थानीय थाना से की थी। बेटा कब अपने पॉकेट में जहर रखा था, इसकी जानकारी नहीं थी। वो जहर खाकर बैठा था। थाना ले जाने के दौरान उसकी हालत काफी खराब हो गई। आनन-फानन में हॉस्पिटल लेकर पहुंचे।


