पटियाला में पूर्णिया के मजदूर ने लगाई फांसी:5 लाख का कर्ज ले रखा था, पिता बोले- परेशान होकर बेटे ने जान दे दी

पंजाब के पटियाला में मजदूरी करने गए पूर्णिया के एक युवक ने कर्ज के बढ़ते दबाव से परेशान होकर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। युवक ने 5 लाख का कर्ज ले रखा था। बढ़ते कर्ज के चलते बीते कुछ महीने से परेशान था, जिसके बाद उसने ये कदम उठाया। युवक का शव किराए के कमरे में पंखे से लटका मिला। सोफा बनाने वाली फैक्ट्री में काम करता था। मृतक की पहचान सरसी थाना क्षेत्र के चंपावती पंचायत वार्ड-5 निवासी कमलेश मुनी के बेटे सुबोध कुमार(30) के तौर पर हुई है।

कर्ज के चलते काफी परेशान पिता कमलेश मुनी ने बताया कि करीब एक साल पहले उनका बेटा कर्ज उतारने के लिए काम की तलाश में पटियाला गया था। घटना से कुछ देर पहले ही बेटे से फोन पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान वह तनाव में लग रहा था। सुबोध ने कुछ लोगों से करीब 5 लाख रुपए का कर्ज ले रखा था। कर्ज नहीं चुका पाने के कारण वह काफी परेशान रहता था। आशंका है कि इसी मानसिक दबाव के चलते उसने यह कदम उठाया। मृतक के भाई रवि कुमार ने बताया कि रोजाना की तरह शुक्रवार रात सुबोध के साथ काम करने वाले अन्य मजदूर उससे मिलने कमरे पर पहुंचे थे। काफी आवाज देने के बावजूद जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला तो उन्हें शक हुआ। इसके बाद कमरे के मालिक को बुलाया गया। दरवाजा तोड़ने पर अंदर सुबोध का शव पंखे से फंदे के सहारे लटका मिला। सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग पंजाब के लिए रवाना हो गए हैं। पंजाब के पटियाला में मजदूरी करने गए पूर्णिया के एक युवक ने कर्ज के बढ़ते दबाव से परेशान होकर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। युवक ने 5 लाख का कर्ज ले रखा था। बढ़ते कर्ज के चलते बीते कुछ महीने से परेशान था, जिसके बाद उसने ये कदम उठाया। युवक का शव किराए के कमरे में पंखे से लटका मिला। सोफा बनाने वाली फैक्ट्री में काम करता था। मृतक की पहचान सरसी थाना क्षेत्र के चंपावती पंचायत वार्ड-5 निवासी कमलेश मुनी के बेटे सुबोध कुमार(30) के तौर पर हुई है।

कर्ज के चलते काफी परेशान पिता कमलेश मुनी ने बताया कि करीब एक साल पहले उनका बेटा कर्ज उतारने के लिए काम की तलाश में पटियाला गया था। घटना से कुछ देर पहले ही बेटे से फोन पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान वह तनाव में लग रहा था। सुबोध ने कुछ लोगों से करीब 5 लाख रुपए का कर्ज ले रखा था। कर्ज नहीं चुका पाने के कारण वह काफी परेशान रहता था। आशंका है कि इसी मानसिक दबाव के चलते उसने यह कदम उठाया। मृतक के भाई रवि कुमार ने बताया कि रोजाना की तरह शुक्रवार रात सुबोध के साथ काम करने वाले अन्य मजदूर उससे मिलने कमरे पर पहुंचे थे। काफी आवाज देने के बावजूद जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला तो उन्हें शक हुआ। इसके बाद कमरे के मालिक को बुलाया गया। दरवाजा तोड़ने पर अंदर सुबोध का शव पंखे से फंदे के सहारे लटका मिला। सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग पंजाब के लिए रवाना हो गए हैं।  

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