पंजाब रोडवेज पी.आर.टी.सी. के कच्चे कर्मचारियों का संघर्ष तेज:8,9 और 10 दिसंबर को पूर्ण हड़ताल का ऐलान

पंजाब रोडवेज़ पनबस/पी.आर.टी.सी. कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब की एक राज्य स्तरीय बैठक आज लुधियाना के ईसड़ू भवन में आयोजित हुई। यूनियन ने पंजाब सरकार की कथित घातक नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते हुए 8,9 और 10 दिसंबर को पूर्ण हड़ताल करने और मुख्यमंत्री के आवास सहित पी.आर.टी.सी. चेयरमैन के आवास पर पक्का धरना देने का ऐलान किया है।यूनियन के नेताओं ने सरकार पर बार-बार मीटिंग करने के बावजूद उनकी मांगों का समाधान न करने का आरोप लगाया है। मुख्य नेताओं के बयान रेशम सिंह गिल सूबा प्रधान ने कहा सरकार द्वारा पनबस पी.आर.टी.सी. के कच्चे कर्मचारियों के साथ बार-बार बैठकें करने के बावजूद भी मांगों का हल नहीं किया जा रहा है।पंजाब के युवाओं को नौकरियां देने के बजाय, सरकार बार-बार निजी बसें डालकर परिवहन विभागों का निजीकरण कर रही है। मांगों का हल न होने के विरोध में कच्चे कर्मचारियों द्वारा 8 दिसंबर से हड़ताल की जाएगी और मुख्यमंत्री पंजाब समेत चेयरमैन पी.आर.टी.सी. के आवास पर धरना दिया जाएगा। यूनियन के प्रमुख आरोप और माँगे यूनियन के अनुसार आप सरकार को सत्ता में आए लगभग 4 साल हो गए हैं लेकिन परिवहन विभाग में एक भी कच्चे कर्मचारी को पक्का नियमित नहीं किया गया है। यूनियन ने संघर्ष करके 50 से 60 बैठकें हासिल कीं जिनमें 2 मुख्यमंत्री के साथ भी हुईं। हर बार 15 दिन या 1 महीने में माँगे हल करने का आश्वासन दिया गया लेकिन एक भी माँग पूरी नहीं हुई। निजीकरण का विरोध: सरकार पर जानबूझकर किलोमीटर स्कीम के तहत प्राइवेट बसें डालकर सरकारी ट्रांसपोर्ट को बंद करने और परिवहन विभाग में युवाओं के लिए सरकारी नौकरियाँ खत्म करने का आरोप। इससे बेरोजगारी बढ़ रही है और निजी ट्रांसपोर्ट माफिया को बढ़ावा मिलेगा, जिससे आम जनता का सफर महंगा होगा और लूट बढ़ेगी। फ्री सफर का बकाया: पनबस/पी.आर.टी.सी. का लगभग 1200 करोड़ रुपये सरकार की तरफ फ्री सफर की सुविधा का बकाया है। यूनियन का कहना है कि यह पैसा आने पर नई बसें डाली जा सकती हैं। यूनियन की माँग है कि जो कर्मचारी सभी शर्तें पूरी करते हैं, उन्हें स्पेशल कैडर पॉलिसी के बजाय अपने पैतृक विभाग में सेक्शन पोस्ट पर पक्का किया जाए।नेताओं ने तर्क दिया कि किलोमीटर स्कीम घाटे का सौदा है। अगर विभाग बैंक से लोन लेकर बसें खरीद सकता है, तो निजी बस मालिकों की तरह विभाग खुद क्यों नहीं खरीदता। संघर्ष का ऐलान यदि सरकार ने माँगे हल नहीं कीं या किलोमीटर स्कीम का टेंडर लेकर आती है, तो यूनियन ने 28 नवंबर से गेट रैलियाँ आयोजित करके किलोमीटर स्कीम के टेंडर को तुरंत बंद करने की माँग की जाएगी।और 2 दिसंबर सुबह 11 बजे गेट रैलियाँ की जाएंगी। यदि पी.आर.टी.सी. मैनेजमेंट टेंडर खोलती है तो उसे तुरंत बंद किया जाएगा।8 से 10 दिसंबर माँगों का हल न होने पर मुकम्मल हड़ताल (पूर्ण स्ट्राइक) मुख्यमंत्री पंजाब, ट्रांसपोर्ट मंत्री पंजाब और चेयरमैन पी.आर.टी.सी. के आवास पर पक्का धरना दिया जाएगा। यदि माँगे हल नहीं होती हैं,तो कर्मचारी नियमों के अनुसार 52 सवारियाँ (सीमित संख्या) ले जाने का फैसला लेने को मजबूर होंगे जिसकी जिम्मेदारी पंजाब सरकार और मैनेजमेंट की होगी।

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